पिछले दिनों आई आंधी में बेपटरी हो गई थी बिजली व्यवस्था
इटवा तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में अब भी नहीं बहाल हो पाई बिजली आपूर्ति, परेशान हैं लोग
इटवा। स्थानीय क्षेत्र में तेज आंधी से प्रभावित गांवों में चार दिन बीत जाने के बावजूद लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली न होने से जहां अंधेरे में रात कट रही है। वहीं, मोबाइल चार्ज होने के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इससे और मुसीबत बढ़ गई है। सुबह से शाम तक लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
स्थानीय क्षेत्र में इटवा तहसील, इटवा ग्रामीण, बेलवा, कठौतिया, खुनियांव और बैदौला स्थित बिजली उपकेंद्रों से गांवों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। लेकिन, सोमवार को दोपहर में आई तेज आंधी से अधिकांश गांवों में खंभे गिरने, तार टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते लगभग पांच सौ गांव अंधेरे में डूब गए। इन क्षेत्रों के तहसील मुख्यालय सहित अन्य गांवों की बिजली बुधवार को बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के बैदौला, खुनियांव और बेलवा बिजली उपकेंद्रों से जुड़े लोहटा, गिरधरपुर, इटवा वन, लटेरा, कुनगाई, धौरहरा, मिश्रौलिया, कनिकपुर सहित सौ से अधिक गांव शुक्रवार शाम तक बिजली से वंचित रहे, जिसके चलते इस क्षेत्र के लोगों को पानी की किल्लत झेलने के अलावा अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
धरौहरा के मुकेश, अजय, अंबरीश आदि ने बताया कि बिजली न आने से बहुत समस्या हो रही है। तीन दिन से हम लोग परेशान हैं, क्षेत्र की बड़ी आबादी बिजली न होने से परेशान हैं। वहीं, विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो क्षेत्र के इन गांवों में टूटे खंभों की जगह नए खंभों की आपूर्ति न होने के चलते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।