फर्जी शिक्षक भर्ती कराने वाले गिरोह का सरगना सलाखों के पीछे
सिद्धार्थनगर। फर्जी शिक्षक भर्ती कराने वाले गिरोह के आरोपी सरगना राकेश कुमार सिंह अब सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। सोमवार को मोहाना थाने की पुलिस ने ओबा माई के स्थान से उसे गिरफ्तार किया। उस पर रविवार को गिरोह बंद अपराध करने के आरोप में सदर थाने की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।
पूछताछ के बाद 12 मुकदमों के इस आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक मोहाना संतोष कुमार सिंह ने बताया कि राकेश सिंह निवासी कुंइचर, थाना भाटपार रानी, जनपद देवरिया, फर्जी दस्तावेज के सहारे शिक्षक बनाने वाले गिरोह का सरगना है। उसे शिक्षा माफिया घोषित किया गया था। उसके खिलाफ जालसाजी के अलावा गैंगस्टर सहित 11 मुकदमे दर्ज हैं। फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के इस सरगना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी थी। सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वह क्षेत्र के ओबा माई स्थान के पास मौजूद है और कहीं भागने की फिराक में है। सूचना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और मुख्य मार्ग पर चेकिंग शुरू की। उसी दौरान राकेश सिंह पकड़ में आ गया। पूछताछ करने के बाद उसका चालान कर दिया गया।
राकेश ने उगले राज, पूर्व और मौजूदा बाबू रहे फर्जीवाडे़ में शामिल
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ आरोपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2009 में शिक्षक के पद पर भर्ती हुआ। उसकी पहली नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय कठेला ग्रांट, ब्लॉक इटवा में हुई। वहां पर वह वर्ष 2012 तक बतौर शिक्षक के पद पर कार्य किया। उसके बाद हेडमास्टर के पद पर प्राथमिक विद्यालय खड़खुइयां नानकार थाना ढेबरुआ में कार्यरत हुआ। पुलिस के अनुसार, उसने अपने कार्यकाल में बहुत लोगों को शिक्षक के पद पर फर्जी नियुक्ति पत्र, अंकपत्र आदि के माध्यम से भर्ती कराया है। प्रत्येक शिक्षक भर्ती कराने में उसे लगभग 4.5 लाख रुपये मिल जाते थे। उसने इस तरह से लाखों रुपये हासिल किए। उस रकम से मकान, जमीन, गाड़ी आदि ली। आज उसे अपनी गलती का एहसास हो रहा है। उसने बताया कि करीब 12 फर्जी शिक्षक अब भी जनपद में तैनात हैं। साथ-साथ बीएसए दफ्तर में भी कुछ कर्मचारी इस फर्जीवाड़ा में शामिल रहे हैं। उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
संपत्तियों की होगी जांच
सीओ सदर हरिश्चंद्र ने बताया कि राकेश सिंह की लग्जरी गाड़ियों, गोरखपुर के बिछिया में स्थित मकान की कीमत लगभग एक करोड़ आंकी गई है। स्कूल जेडीएस इंटरनेशनल इंटरमीडिएट कॉलेज जैतपुरा, भाटपरानी जिला देवरिया की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ आंकी गई है। राकेश कुमार सिंह के पिता के नाम से सात एकड़ खेत कुईचवर भाटपार, जिला देवरिया में तीन एकड़ खेत गोठनी बिहार, 3.5 एकड़ जमीन लखीमपुर खीरी में है। इसकी जांच की जा रही है कि ये संपत्तियां कहां से अर्जित की गई हैं। अगर जांच में पाया गया कि इसी कमाई से इन संपत्तियों को अर्जित किया गया तो उन्हें भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।