संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोहित यादव की तरह अपहरण करके अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की हत्या के मामले में भी पुलिस लकीर पीटती रह गई। अपहरण करने के डेढ़ से दो घंटे तक आरोपी स्काॅर्पियो में अधिवक्ता को लेकर घूमते रहे। इस दौरान पुलिस घटना स्थल पर पहुंच भी गई थी, लेकिन पीछा करके आरोपियों के चंगुल से अधिवक्ता को छुड़ाने में चूक गई। हालांकि केस में अधिवक्ता के बहनोई रंजीत और रंजीत के चचेरे भाई विनय उर्फ सोहित को गिरफ्तार कर लिया है।
मगर लखनऊ से स्काॅर्पियो में अपने साथियों को लेकर पहुंचे रंजीत के छोटे भाई संदीप को पुलिस अभी ढूंढ रही है। उसी को इस घटना का असली मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्काॅर्पियो में संदीप और उसके ऐसे साथी थे जो उसके साथ लखनऊ से ही आए थे। इससे पहले रविवार को अधिवक्ता चंद्रशेखर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों का काफी हुजूम था।
कई थानों की फोर्स भी बुला ली गई थी। गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण के बाद न्यायालय के सभी अन्य कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। जिला जज भी पोस्टमार्टम हाउस पर अधिवक्ता के परिवार के लोगों को सांत्वना देने पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव का कुआनों नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
एसपी अभिनंदन ने बताया कि केस में अभी पूरा घटनाक्रम सामने नहीं आ पाया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी के मुताबिक जब तक संदीप नहीं मिल जाता तब तक घटनाक्रम और वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान होना मुश्किल है।
यह थी घटना कप्तानगंज थाने के बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चंद्र यादव बस्ती कचहरी में अधिवक्ता थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया थाने के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी। बहन सोनमती का उसके पति रंजीत से विवाद था। शनिवार की शाम को गांव के बजरंगी यादव के साथ वह बोलेरो से महराजगंज बाजार आए थे।
देर शाम करीब साढ़े सात बजे घर जाते समय हरैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के प्लांट के निकट एक स्कॉर्पियो ने बोलेरो को ओवरटेक करके रोक लिया और चंद्रशेखर को खींचकर स्काॅर्पियो में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए। घटना से हतप्रभ गांव के युवक ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन करके जानकारी दी।
उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया, जिनको जिला अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया।
कार से कुचलने की चर्चा, पुलिस का गोलमोल जवाब ः अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की हत्या के दौरान स्काॅर्पियो चढ़ाने का मामला पुलिस के लिए पहेली बन गया है। चर्चा है कि हत्या का संदेह होने पर चंद्रशेखर ने स्काॅर्पियो से कूदकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद उनके ऊपर स्काॅर्पियो चढ़ा दी गई। वहीं एसपी अभिनंदन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाई गई चोटों के हिसाब से गाड़ी ऊपर चढ़ाने की पुष्टि तो नहीं हुई, लेकिन धकेल कर गिराने के कुछ देर बाद वापस आकर अधिवक्ता को दोबारा टक्कर मारने की पुष्टि हो रही है।
बताया जा रहा है कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपा है। कई सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिले हैं, लेकिन पुलिस उसके बारे में खुलकर बताने से बच रही है।