अंधेरा पर उजियारे की जीत का त्योहार दीपावली बुधवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाता है। शाम होते ही दीये की टिमटिमाती रोशनी से लोगों का घर रोशन रहा।
लोग अपने घरों को दीपक, मोमबत्ती व चाईनीज झालरों से सजाने में व्यस्त रहे। वहीं पटाखा फोड़ मनोरंजन करने में बच्चों के साथ बुजुर्ग भी शामिल रहे।
बड़े और बच्चों ने एक दूसरे को गले मिल दीपावली की बधाई दी। साथ ही मिठाई खिलाने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। शाम ढलने के बावजूद चहुंओर फैले उजियारे से अंधेरा नष्ट होता दिखा।
इसी तरह मुख्यालय, बांसी, शोहरतगढ़, इटवा, बढनी और उसका बाजार समेत ग्रामीण अंचलों में भी दीवाली की धूम मची रही।
दीवाली बुराई पर अच्छाई की जीत। दीवाली के दिन अपने घरों को दीपक, मोमबत्ती और चाइनीज झालरों से सजाने के बाद लोग एक दूसरे को बधाई देते रहे। पटाखों की तेज आवाज देर रात तक सुनाई देती रही। शाम होते ही घरों पर दीपक से कस्बे व गांव उजियारे दिख रहे थे।