हीट वेव की दस्तक से लगातार बढ़ रही परेशानी, जनजीवन प्रभावित
सिद्धार्थनगर। शुक्रवार को पारा 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रहा। पछुआ हवा की रफ्तार थमते ही गर्मी ने तेवर और सख्त कर लिए हैं। अब अगले 48 घंटे और भारी पड़ने वाले हैं, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस की दहलीज छू सकता है। हालांकि इसके बाद राहत के आसार हैं।
शुक्रवार को सुबह से ही सूरज के तेवर आक्रामक रहे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, तापमान तेजी से ऊपर गया और दोपहर तक हालात झुलसा देने वाले बन गए। सड़कों पर आवाजाही कम दिखी, बाजारों में भीड़ घटी और लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौटते नजर आए। यह सिर्फ तेज धूप का असर नहीं था, बल्कि ठहरी हुई गर्मी का दबाव ज्यादा भारी पड़ा।
मौसम विभाग के मुताबिक पछुआ हवा की रफ्तार सामान्य से कम रही, जिससे वातावरण में ठहराव बना रहा। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक इस स्थिति को हीट ट्रैप कहते हैं, जहां गर्म हवा का प्रवाह बाधित हो जाता है और तापमान का प्रभाव कई गुना ज्यादा महसूस होता है। यही वजह रही कि 41.9 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा वास्तविक से ज्यादा तीखा लगा।
रात में भी हालात सामान्य नहीं हुए। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस बात का संकेत है कि धरती और हवा दोनों में गर्मी जमा हो चुकी है। आमतौर पर रात का तापमान गिरने से कुछ राहत मिलती है, लेकिन यहां गर्मी का दबाव लगातार बना रहा। इससे शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पा रहा, जो स्वास्थ्य के लिए खतरे का संकेत है।
पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। रविवार को यह और बढ़कर 42.7 डिग्री सेल्सियस और 27.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। यानी दिन ही नहीं, रात भी गर्म होती जा रही है। लगातार दो-तीन दिन ऐसे रहने पर लू की स्थिति बनना तय माना जा रहा है।
गर्मी के इस तेवर का सीधा असर जनजीवन पर दिखने लगा है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा बढ़ गया है। रिक्शा, ठेला और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उन्हें धूप में काम करने के अलावा विकल्प नहीं। स्कूल से लौटते बच्चे और बुजुर्ग भी इस गर्मी की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और थकावट की शिकायतें बढ़ने लगी हैं।
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इसलिए बढ़ रही खतरनाक गर्मी
- पछुआ हवा की रफ्तार कमजोर, गर्मी का जमाव
- आसमान पूरी तरह साफ, बादलों का अभाव
- दिन के साथ रात में भी तापमान ऊंचा
- हवा का ठहराव, हीट ट्रैप जैसी स्थिति
अगले 48 घंटे: रेड अलर्ट जैसे हालात
शनिवार: अधिकतम 42.6 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस
रविवार: अधिकतम 42.7 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस
गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
- भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. गौरव दुबे के अनुसार लापरवाही बरतने पर डिहाइड्रेशन, लू और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। जरा सा भी लू के लक्षण दिखने पर तुरंत छांव में जाएं, शरीर को ठंडा करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर सावधानी ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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बचाव के प्रमुख उपाय
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें
- बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढकें
- पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस आदि का सेवन करें
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
- खाली पेट या बिना पानी पिए घर से न निकलें
- ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचें, बीच-बीच में आराम करें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- चक्कर आना, सिर दर्द
- अत्यधिक पसीना या पसीना बंद होना
- उल्टी, कमजोरी या बेहोशी
- तेज बुखार या शरीर का तापमान बढ़ना