सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार हीट वेव ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। बुधवार-बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41-40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया जबकि दोपहर के समय हीट इंडेक्स इससे भी ऊपर महसूस हुआ। नतीजा दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, बाजारों में सुस्ती और अस्पतालों में लू के मरीजों की बढ़ती कतारें देखने को मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज और सीएचसी-पीएचसी में ओपीडी सुबह से ही फुल चल रही है। चक्कर, उल्टी, तेज सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में भी हीट स्ट्रोक के केस बढ़े हैं।
सीएमओ डॉ. रजत चौरसिया ने बताया, पिछले तीन दिनों में डिहाइड्रेशन और लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस, ठंडा पानी और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों से अपील है कि दोपहर में घर से बाहर न निकलें। उधर, बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ गया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ट्रिपिंग और अनियमित कटौती की शिकायतें आ रही हैं। अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग ज्ञान प्रकाश ने कहा,टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और फॉल्ट ठीक किए जा रहे हैं, ताकि सप्लाई सामान्य रखी जा सके।
बाजारों में दोपहर के समय रौनक लगभग खत्म हो जाती है। कई दुकानदार पीक हीट आवर में शटर गिरा रहे हैं जबकि बर्फ, कोल्ड ड्रिंक और जूस की बिक्री अचानक बढ़ गई है। सब्जियों की सप्लाई प्रभावित होने से कुछ दामों में हल्की बढ़ोतरी भी देखी जा रही है। दिहाड़ी मजदूरों और निर्माण स्थलों पर काम करने वालों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। तेज धूप के कारण दोपहर में काम रोकना पड़ रहा है, जिससे आय पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल और छांव की व्यवस्था, स्कूल टाइमिंग में बदलाव और हेल्पलाइन सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें ताकि पानी का वाष्पीकरण कम हो और फसल को पर्याप्त नमी मिल सके। साथ ही पशुओं को छायादार स्थान पर रखने और पर्याप्त पानी देने की भी अपील की गई है।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा, सभी विभागों को अलर्ट किया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर पानी और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि अनावश्यक बाहर न निकलें और सावधानी बरतें।