सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम का मैदान पत्थर जैसा सख्त है। मैदान में घास तो हैए लेकिन खिलाड़ियों के बैठने तक की सुविधा नहीं है। टिनशेड गायब है। सख्त मैदान पर अभ्यास करने से खिलाड़ियों को इंजरी से जूझना पड़ रहा है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम 1995 में बना था। इसमें दर्शक दीर्घा बनाई गई है। उसके ऊपर टिनशेड नहीं लगाया गया। स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक, वॉलीबाल कोर्ट, हॉकी, फुटबाल मैदान मानक के अनुरूप नहीं हैं। मैदान सख्त हो गया है। यहां न तो खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं हैं और न बेहतर संसाधन। ऐसी स्थिति में बेहतरीन खिलाड़ी कैसे निकलेंगे। स्टेडियम में पानी का छिड़काव नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।