आग के कहर ने बुधवार को जिले के कई गांवों को तबाह कर दिया। इन गांवों में दर्जनों परिवार बेघर हो गए। डुमरियागंज, कपिलवस्तु और शोहरतगढ़ थाना क्षेत्रों में आग का कहर सर्वाधिक रहा। आग की लपटों ने पल्टा देवी जंगल को भी अपने आगोश में ले लिया। घंटों तक यहां आग का तांडव मचा रहा। अलग-अलग घटनाओं में आग की चपेट में आने से महिला झुलस गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की टीम के अथक प्रयासों से आग पर काबू पाया जा सका।
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के पंडितपुर पडऱहवा गांव में बुधवार की दोपहर हाईटेंशन तार के टूटकर गिरने से आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने चंद मिनटों में ही चौराहे पर स्थित दुकान, गुमटियों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग का प्रचंड रूप देख भगदड़ मच गई। ग्रामीण अभी कोई उपाय करते इससे पहले ही सिहोरवा सिवान में डंठल जलाते समय चिंगारी से आग लग गई। इससे संग्रामपुर के आधा दर्जन रिहायशी मकान जल गए। मिश्रौलिया, महुअवा, पचगंवा, बनरही, बहोरवा का सिवान होते हुए आग मधवानगर गांव जा पहुंची।
यहां आग ने चार दर्जन कच्चे-पक्के मकानों को चपेट में ले लिया। करजहिया, रजवापुर, सेमरी, जमुहवा से होते हुए मरथी-मझौली के जंगलों तक आग पहुंच गई। शाम 6 बजे तक जंगल में आग की लपटें उठती रहीं।
ग्रामीण और फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हुई थी। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में चिल्हिया थाना क्षेत्र के चोड़ार गांव में डंठल जलाने से लगी आग ने पल्टा देवी, पिछौरा, घनश्यामपुर, रमवापुर सहित आधा दर्जन गांवों में तबाही मचाई।
इन गांवों के खेत-खलिहान और बगीचों में घंटों तक आग का कहर बना रहा। आग तेजी से आवासीय क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी, मगर ग्रामीणों ने उसे घंटों मशक्कत से काबू किया। गोपालपुर गांव में आग की चपेट में आने दो दर्जन आशियाने जल गए।
आग का रौद्र रुप देख ग्रामीण गांव छोड़कर भाग खड़े हुए। घरों से रसोई गैस सिलेंडर निकालकर लोग पास के नदी, तालाबों में फेंकने लगे, ताकि सिलेंडर में विस्फोट न हो। इसी थाना क्षेत्र के गोल्हौरा गांव के पास आग से दर्जनों मकान जल गए।