फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: बेटे की गिरफ्तारी से परिवार सदमे में

Mon, 21 Sep 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सकारपार। बांसी कोतवाली क्षेत्र के गोनहाडीह गांव के टोला मधवापुर निवासी मकसूद अली की तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तारी के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता समेत परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं।
एटीएस के अनुसार मकसूद पर अल कायदा इन इंडियन सबकांटीनेंट (एक्यूआईएस) की विचारधारा से जुड़े कथित ऑनलाइन मॉड्यूल की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन

मकसूद की गिरफ्तारी की खबर के बाद से घर में किसी का मन किसी काम में नहीं लग रहा है। परिवार के लोगों के बीच बस यही चर्चा है कि आखिर घर-परिवार में रहने वाला मकसूद इस मामले में कैसे फंस गया। माता-पिता से लेकर दादी तक बेटे और पोते की रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परिजन का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि मकसूद ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
मकसूद के पिता अब्दुल कुद्दूस ने बताया कि घटना के बाद से उनका मन पूरी तरह अशांत है। उन्होंने कहा कि मकसूद सीधा-सादा लड़का था और परिवार में कभी उसके व्यवहार को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं मिली। उसका अधिकतर समय घर पर ही बीतता था। ऐसे में इतनी बड़ी घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरा परिवार हैरान है। उन्होंने कहा कि अब ऊपर वाले से यही दुआ है कि जांच में सच्चाई सामने आए और उनका बेटा जल्द लौटे।
मां तस्वीरुन निशा भी बेटे की गिरफ्तारी की खबर से बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद से न तो मन को चैन मिल रहा है और न ही किसी काम में मन लग रहा है। घर में खाना-पीना तक प्रभावित हो गया है। मां का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जांच में यदि मकसूद की भूमिका नहीं मिलती है तो उसे जल्द राहत मिलेगी और वह घर लौट आएगा।
बेटे के परदेस जाने से जगी थी परिवार की उम्मीद : मकसूद के पिता अब्दुल कुद्दूस ने बताया कि वह पहले रोजी-रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते थे। वहीं मेहनत-मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते थे। करीब तीन साल पहले पैरों में गंभीर बीमारी होने के बाद उन्हें घर लौटना पड़ा। इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने लगी।
उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले मकसूद रोजगार के सिलसिले में बाहर गया तो उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब बेटे के कमाने से परिवार की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर होगी। परिवार ने सोचा था कि बेटे की कमाई से घर की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी और मुश्किलें धीरे-धीरे कम होंगी लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी गिरफ्तारी की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।
विज्ञापन

परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें जांच एजेंसी की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करनी है लेकिन वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें