सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पहले दिन अव्यवस्था के बीच शुरू हुआ। जनपद के तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर सीसी कैमरों की निगरानी में कॉपियों की जांच तो शुरू हुई, लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कार्य की रफ्तार काफी धीमी रही। जिले में कुल 1,88,501 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए प्राप्त हुई हैं, जिनमें से पहले दिन मात्र 13,064 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका। सबसे बड़ी समस्या परीक्षकों की अनुपस्थिति रही, जहां कुल 1,046 परीक्षक ड्यूटी से नदारद पाए गए। वहीं, नोडल अधिकारी और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करती रही।
जिविनि कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, शिवपति इंटर कॉलेज, शोहरतगढ़ में हाईस्कूल की 86,094 कॉपियों के सापेक्ष पहले दिन 7,949 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई। यहां तैनात 582 परीक्षकों में से 328 अनुपस्थित रहे, जिससे कार्य प्रभावित हुआ। वहीं, तिलक इंटर कॉलेज में 57,095 कॉपियों में से केवल 2,476 कॉपियां जांची जा सकीं। इस केंद्र पर 581 में से 358 परीक्षक अनुपस्थित पाए गए। शिवपति इंटर कॉलेज में स्टेटिक मजिस्ट्रेट दयाशंकर यादव, उप नियंत्रक विक्रम यादव, सह उप नियंत्रक रामविलास यादव, प्रमोद पाल, प्रमोद कुमार यादव, राम प्रताप सिंह, रामानंद चौधरी की देखरेख में मूल्यांकन कार्य संपन्न हुआ। इसी तरह रतनसेन इंटर कॉलेज, बांसी में इंटरमीडिएट की 45,312 कॉपियों के सापेक्ष 2,642 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया, जबकि यहां 568 में से 360 परीक्षक अनुपस्थित रहे। पहले ही दिन इतनी बड़ी संख्या में परीक्षकों की गैरहाजिरी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि मूल्यांकन कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है और आगे भी इसे सुचारु रूप से पूरा कराना प्राथमिकता में रहेगा। प्रशासन का कहना है कि अनुपस्थित परीक्षकों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि आगामी दिनों में मूल्यांकन कार्य गति पकड़ सके।