सिद्धार्थनगर। रियल लाइफ में हावी रील का चस्का युवाओं के लिए घातक होता जा रहा है। जिद पूरी करवाने या परिवार पर दबाव बनाने के लिए टंकी की जगह टावर पर चढ़कर ‘वीरू’ बन रहे युवा जान दांव पर लगा रहे हैं।
हाल में ही जनपद में दो ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिस और घरवालों को उन्हें मनाने में मशक्कत करनी पड़ी है और उनकी जिद के आगे झुकना पड़ा है। समाजशास्त्री का कहना है कि ऐसे ट्रेंड समाज को गलत संदेश दे रहे हैं और इससे जान का जोखिम भी बढ़ गया है।
पिछले दिनाें इटवा में प्रेमिका के बात करने से इन्कार करने पर युवक 110 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ गया। वहीं, कुछ दिन पहले शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में शराब न मिलने से परेशान युवक टॉवर पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। यह आत्मघाती और डराने वाला कदम जहां पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। वहीं, इस नए ट्रेंड के पीछे समाजशास्त्री और मनोविज्ञानी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफाॅर्म को अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब जो सामने आ रहा है, कहीं न कहीं सोशल मीडिया से यह बात सीख रहे हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि वह रील है, जबकि हम रीयल लाइफ में हैं। वे रुपये के लिए ऐसा कंटेंट बना रहे हैं, जबकि ऐसा करने से हमारी जान भी जा सकती है।
शराब के लिए चढ़ गया टॉवर पर, मांगें पूरी तो उतरा : जनवरी माह में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक फोन के टॉवर पर चढ़ गया और चीख-पुकार करने लगा।
जब ग्रामीणों की नजर पहुंची तो वह घबरा गए। परिवार के लोगों को जानकारी दी। वह लोग पहुंच गए और मनाने लगे, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। इसके बाद एसडीएम, सीओ और एसओ मौके पर पहुंचे। युवक शराब की जिद कर रहा था। वह कूद न जाए इसलिए उसकी मांग पूरी करने की बात कही। इसके बाद किसी प्रकार से नीचे उतारा। इसके बाद ग्रामीणों ने टॉवर के आसपास सुरक्षा के इंतजाम की बात कही, जिससे कोई टॉवर पर चढ़ न सके।