संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब आठवीं के बाद कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। हर बच्चे के घर शिक्षक जाएंगे और अभिभावक को प्रेरित करते हुए बच्चे का दाखिला कराएंगे। ताकि हर बच्चा उच्च शिक्षा हासिल कर सके। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अभियान शुरू किया।
शिक्षक अपने नजदीक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय से कथा आठ पास करने वाले बच्चों की सूची ले रहे हैं। उनके बारे में जानकारी ले रहे हैं कि दाखिला लिया कि नहीं लिया। अगर नहीं लिया तो अपने विद्यालय में उसका दाखिला करेंगे। गूगल सीट के जरिए भी बच्चाें को ट्रेस किया जा रहा है।
हर बच्चा उच्च शिक्षा हासिल कर इसके लिए सरकार शिक्षा पर जोर दे रही है। कई नियम बना रही है, जिससे कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। परिषदीय विद्यालयों में नामांकन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।
वहां के शिक्षक अभियान चलाकर बच्चों का दाखिला अपने विद्यालय में करवाते हैं, लेकिन आठवीं पास करने के बाद अधिकांश छात्र- छात्राएं पढ़ाई छोड़ देते हैं। उन्हें लगता है कि पढ़ाई का भार उनका परिवार नहीं उठा पाएगा।
इंटर कॉलेज में महंगी फीस लगेगी। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड की ओर से संचालित राजकीय सहायता प्राप्त और वित्त विहीन विद्यालयों में परिषदीय विद्यालय की तर्ज पर जागरूकता अभियान शुरु किया है।
विद्यालय की ओर से अपने- अपने नजदीक जूनियर हाईस्कूल से संपर्क करके लिस्ट ल रहे हैं। साथ ही परिवार से मिलकर बच्चों को नामांकन के लिए प्रेरित करेंगे। इन बच्चों का डाटा भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें नाम पता, आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र अपडेट रहेंगे।
इस अभियान में एक हजार से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक 140 राजकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं।