छप्पर के दिन गए, अब छत का सपना होगा पूरा
सिद्धार्थनगर/बिस्कोहर। छत की आस में छप्पर में दिन गुजारने वाले इटवा और बिस्कोहर के कई परिवारों को राहत मिलने वाली है। जिन्हें न सिर्फ नगर पंचायत में रहने का अवसर मिला है, बल्कि शहर में गांव के शामिल होने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के लिए चयनित किया है। जांच में पात्र मिले 1639 परिवारों को जल्द ही खुद की छत नसीब होगी। आवास बनाने के लिए जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है।
जनपद के पुराने कस्बे में गिने जाने वाले इटवा और बिस्कोहर को लगभग तीन साल पहले नगर पंचायत का दर्जा मिला। गांवों को शहर में शामिल किया गया। इसमें कई गांव नगर पंचायत में शामिल हुए। उम्मीद जगी कि अब जल्द ही शहर की तरह से सुविधा मिलेगी। इसमें सबसे पहले बेघर उन परिवारों को आवास देने की कवायद शुरू हुई, जो छप्पर में जीवन जी रहे थे। सपना छत का था, लेकिन धन न होने के कारण पक्का मकान नसीब नहीं हो रहा था।
नगर पंचायत बनने के बाद आवास के लिए आवेदन मांगा गया था। इसमें लोगों ने आवेदन किया था। शासन के निर्देश पर इटवा और बिस्कोहर नगर पंचायत के 1940 लाभार्थियों की शासन के निर्देश पर टीम ने जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगर पंचायत बिस्कोहर में 1004 और इटवा में 936 आवेदन करने वालों की जांच की गई। उसके बाद 301 को अधिकारियों ने अपात्र घोषित कर दिया। हालांकि अभी अपात्र घोषित किए गए लोग पांच जुलाई तक पात्रता साबित कर सकते हैं।
पात्रता साबित करने के लिए पांच जुलाई तक मौका
डूडा के डीसी हिमांशु तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगर पंचायत बिस्कोहर में 1004 आवेदनकर्ताओं की कमेटी ने गहनता से जांच की। इसमें मानक पूरे न करने वाले 161 और नगर पंचायत इटवा में 936 लोगों की जांच में 140 आवेदकों को अपात्र घोषित कर दिया। इसकी सूची संबंधित नगर पंचायत कार्यालय में चस्पा कर दी गई है। हालांकि पात्रता सिद्ध करने के लिए पांच जुलाई तक का समय दिया गया है। यदि कोई अपात्र घोषित किया गया व्यक्ति पात्रता के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करता है तो उसे पात्र घोषित कर दिया जाएगा और योजना का लाभ दिया जाएगा।