सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9, 10 और 11वीं और 12वीं बच्चों के आवेदन फाॅर्म की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके पीछे उद्देश्य है कि अंकपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। गड़बड़ी होने पर बच्चों और अभिभावकों दोनों भागदौड़ करने के साथ ही परेशान होना पड़ता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्त विहीन के 200 के करीब विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें हर से हाईस्कूल से लेकर इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में करीब 1.20 लाख बच्चे रहते हैं। कक्षा नौ से ही बोर्ड को लेकर तैयारी शुरू हो जाती है। आवेदन और परीक्षा फाॅर्म भरवाया जाता है। इसमें नाम और अक्षर में अंतर होने के बाद बच्चों को अंकपत्र में सुधार के लिए परेशान हो जाते हैं। ऐसे में डाटा अपलोड और सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जाए, ताकि भविष्य में अंकपत्र संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या से छात्रों को न जूझना पड़े। संवाद