बांसी। एनएच-28 जिले की सीमा पर थाना शिवनगर डिंडई के लोहरौली चौराहा के पास मंगलवार की सुबह 10 बजे सांड़ीकला निवासी हरिराम (55) पुत्र खेदू का शव मिला है। राहगीरों ने सड़क के किनारे पड़े शव को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल काॅलेज भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने कहा है कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
लोगों का कहना है कि हरिराम सोमवार को रोज की तरह मजदूरी के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा। उसके भाई के नाबालिग बच्चे पूरी रात चिंता में डूबे चाचा हरिराम की राह देखते रहे। मंगलवार सुबह शव मिलने की सूचना मिली। पड़ोसियों के साथ मौके पर पहुंचे बच्चों ने रोते-बिलखते हुए शव की पहचान की। हरिराम की अचानक हुई मौत ने न सिर्फ एक जीवन छीन लिया बल्कि एक परिवार का सहारा भी खत्म कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।-
भाई के बेसहारा बच्चों का सहारा था हरिराम
बांसी। मृतक हरिराम अविवाहित था और अपने भाई रामलौट के परिवार में बचे दो नाबालिग बच्चों के साथ रहता था। करीब पांच वर्ष पहले बीमारी के चलते रामलौट की मृत्यु हो गई थी। वहीं साल भर पूर्व उसकी पत्नी भी चल बसी। उसके बाद से हरिराम ही अपने भाई के परिवार के दोनों नाबालिग बच्चों का एकमात्र सहारा था। अचानक हुई हरिराम की मृत्यु से नाबालिग बच्चों का आखिरी सहारा चला गया। अब इन बच्चों की आगे की जिंदगी कैसे कटेगी, लोगों के जेहन में यह सवाल घूम रहा है।