तरकुलवा। सोहनरिया-चिउटहा धाम स्थित शिव-हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दूसरे दिन रविवार की रात में विकास ग्रुप लीला मंडली नई दिल्ली के कलाकारों ने रामजन्म और तड़का वध की लीला का सजीव मंचन किया। रामजन्म से अयोध्या में चारों तरह हर्ष छा गया, वहीं श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषियों को भयमुक्त किया।
लीला की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। शुभारंभ समाजसेवी सरफराज अहमद ने भगवान गणेश की आरती कर किया। इसके बाद भगवान विष्णु के अवतार के प्रसंग को काफी ख़ूबसूरती से पेश किया गया। राजा दशरथ को कोई संतान नहीं थी, जिससे वे और उनकी तीनों रानियां काफी दुखी थीं। महर्षि वशिष्ठ के सलाह पर उन्होंने श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्ठि यज्ञ कराया। इसके बाद भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। राम जन्म होते ही समूचा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठता उठा। कुछ दिन बाद महर्षि विश्वामित्र साथ राम-लक्ष्मण ने वन में जाकर ताड़का, सुबाहु आदि राक्षसों का वध कर ऋषियों को भयमुक्त किया। इस दौरान प्रमोद गुप्ता, राम पूजन राव, दुर्गेश तिवारी, फतेह बहादुर यादव, सतीश सिंह, पिंटू वर्मा, हरिलाल गुप्ता, अवधेश गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।