संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट मोहम्मद रफी की अदालत ने दस किलो दो सौ पचास ग्राम चरस की तस्करी करने के आरोप में नेपाल के मुनरिका उर्फ देवेन्द्र यादव को दोषी करार देते हुए उसे दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार 13 अक्तूबर 2017 को एसएसबी उपनिरीक्षक चंद्रशेखर मय हमराही व एसओ ढेबरुआ जयवर्धन सिंह हमराही संयुक्त रूप से बार्डर गश्त व संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग में पचपेड़वा तिराहा बढ़नी में मौजूद थे। पैदल गश्त करते हुए ज्यों ही रेलवे क्राॅसिंग के पास पहुंचे कि एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में झोला लिए हुए रेलवे क्राॅसिंग से पटरी पकड़कर स्टेशन की तरफ आ रहा था। संदेह होने पर टार्च की रोशनी से उक्त संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया तो उक्त व्यक्ति तेज कदमों से जाने लगा।
संदेह होने पर टीम ने मौके पर घेरकर पकड़ लिया गया। उसके पास से कई पैकेटों में कुल दस किलो दो सौ पचास ग्राम चरस की बरामदगी हुई। आरोपी की पहचान मुनरिका उर्फ देवेंद्र यादव, निवासी बाबा का महुआ, थाना तौलिहवा, जनपद कपिलवस्तु नेपाल राष्ट्र और हाल पता निवासी दुबिहारे थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई थी।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र भेजा। न्यायालय ने विचारण शुरू किया और विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का सम्यक अवलोकन किया। गवाहों की गवाही, जिरह, बरामदगी, एफएसएल रिपोर्ट, घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा के बिंदु पर सुनवाई करके सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया।