अधिकतम में एक डिग्री की कमी तो न्यूनतम में एक डिग्री उछाल से झुलसी शरीर
कड़ी धूप की वजह से शहर में सन्नाटा, निकलने वाले लू से परेशान
मई माह में पांच दिन लगातार 42 से 46 के बीच में पहुंच गया था पारा
ओवरलोड के कारण मई माह में 107 और जून में अबतक 35 ट्रांसफार्मर जले
मौसम विभाग का अलर्ट अभी और तपेगा तराई, कई दिनों तक नहीं मिलेगा गर्मी से निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तराई में एक बार फिर तपन का कहर बनकर टूट रहा है। जिससे जनजीवन अस्त व्यवस्त हो चुका है। सोमवार दोपहर में तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम में एक डिग्री की गिरावट हुई तो न्यूनतम एक डिग्री बढ़ गई। दिन और रात एक जैसे हालात हो गए हैं।
दिन में झुलसा देने वाली धूप और रात मेंं गर्म हवाओं ने बेचैन कर दिया है। अंदर और बाहर कहीं सुकून नहीं मिल पा रहा था। एसी, पंखा और कूलर रिकार्ड तोड़ रहे पारा के आगे नतमस्तक हो चुका है। क्योंकि यह अब लोगों को राहत नहीं दे पा रहा है। आगे भी कई दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं है। मौसम विभाग ने हेड वेव कई दिनों तक बने रहने की चेतावनी दी है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक थी। अधिकांश धूप के शिकार वाले मरीज थे।
लू के अलर्ट के बाद से तराई में तपिश बढ़ गई है। गर्मी ने जनजीवन का अस्त व्यस्त कर दिया है। आकड़ों के मुताबिक रविवार को 43.5 डिग्री अधिकतम तापमान था। जो सोमवार को 42 डिग्री पर था। जबकि न्यूनतम 31.1 डिग्री दर्ज किया गया।
अधिकतम एक डिग्री से अधिक पारा तो लुढ़का जरूर था। लेकिन सुबह 10 बजे आसमान से बरस रही आग से शरीर सुलझ रहा था। तो वहीं, कमरे के अंदर गर्मी लोगों का पसीना निकाल रही थी। क्योंकि गर्मी के आगे एसी, कूलर और पंखा सब जवाब दे चुका था। दोपहर में शहर मेें सन्नाटा जैसी स्थिति दिखी। वही लोग घर से निकले थे, जिन्हें बहुत जरूरी था। धूप से बचने के लिए गमछा, छतरी और अन्य सहारे लेते हुए दिखे। जबकि बाजार में सन्नाटा छाया रहा। शाम चार बजे के बाद ही लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन तब भी गर्म हवाओं के कारण सुकून नहीं था। लेकिन इस गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। कई दिनों तक एक डिग्री कम और अधिक पारा रहने का आसार बना हुआ है। जिससे परेशानी झेलने के लिए लोगों को तैयार रहना होगा।
-
एसी पंखा, नाकाफी, बेना से चला रहे काम
लो वोल्टेज के चलते मेडिकल कॉलेज में पंख हिल रहा है, कूलर भी स्पीड नहीं पकड़ पा रहा है। अधिकांश एसी जवाब दे चुकी है। वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार पंखा झलते हुए देखे गए। यह हाल एक नहीं लगभग सभी वार्ड में देखी गई। ओपीडी की बात करें तो मरीजों का तांता लगा लगा रहा। बच्चों के डॉक्टर, फीजिशियन और त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास मरीजों की भारी भीड़ थी। गर्मी के वजह से खुजली, दाना और अन्य समस्या से ग्रसित मरीज पहुंचे हुए दिखे। जिन्हें चिकित्सक दवा तो दे रहे थे। लेकिन गर्मी से बचने की भी सलाह दे रहे थे। उनका कहना था जो भी समस्या है। सबक गर्मी से हो रही है। इसलिए गर्मी से बचाव बेहद जरूरी है। सोमवार को डेढ़ हजार ओपीडी पहुंच गई थी। गर्मी के कारण लोग बेचैन दिखे।
-
ओवरलोड के कारण जल रहे ट्रांसफार्मर
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत बढ़ गई है। एसी, कूलर और पंखा लोग खूब चला रहे हैं। इस वजह से ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड पड़ रहा है। जिससे वह जल जा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो मई माह में जिले में 107 ट्रांसफार्मर में ओवरलोड के कारण जल गए। जबकि मई माह में 32 ट्रांसफार्मर जल गए। गनीमत है कि स्टोर में ट्रांसफार्मर प्रर्याप्त है, इसलिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ रहा है तुरंत बदल दिया जा रहा है।
-
नाइट पेट्रोलिंग शुरू
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ी है। इसलिए ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। ऐसी स्थिति आने पर बिजली आपूर्ति अधिक समय तक बाधित न हो इसके लिए विद्युत निगम के लोग नाइट पेट्रोलिंग कर रहे हैं। जिससे खराब होते ही बदला जा सके।
-
एक नजर पिछले वर्ष व इस वर्ष का तापमान
वर्ष 2023 वर्ष 2024
तिथि अधिकतम अधिकतम
एक जून 39.2 डिग्री, 40.5 डिग्री
दो जून 40 डिग्री, 42.1 डिग्री
तीन जून 41.2 डिग्री, 42 डिग्री
चार जून 39 डिग्री, 40. 1 डिग्री
पांच जून 40.4 डिग्री, 35.2 डिग्री
छह जून 42 डिग्री, 38.6 डिग्री
सात जून 43 डिग्री, 37.5 डिग्री
आठ जून 41.8 डिग्री, 40.2 डिग्री
नौ जून 43 डिग्री, 42.1 डिग्री
-
तापमान में अभी बड़ा बदलाव और मौसम में नरमी की उम्मीद नहीं है। हीट वेव कई दिनों तक रहने का आसार तापमान में उतार चढ़ाव जारी रहेगा।
-डॉ. अतुल कुमार सिंह, मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ