विश्व टीबी दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते सतीश मिश्रा। संवाद न्यूज एजेंसी
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जागरूकता से होगा टीबी का खात्मा
विश्व टीबी दिवस पर जिला क्षय रोग केंद्र पर गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। वर्ष में दो बार सक्रिय टीबी खोज अभियान चलाया जाता है। इसमें घर-घर जाकर टीबी के लक्षण पूछे जाते हैं। इसके अंतर्गत बीते दिनों जिला कारागार, बाल सुधार गृह, अनाथालय, मदरसों में अभियान चलाया गया। ये बातें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईवी विश्वकर्मा ने कहीं। वह बुधवार को विश्व टीबी दिवस पर जिला क्षय रोग केंद्र में आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि टीबी रोग संक्रमण यानी इंफेक्शन वाली बीमारी है। इससे आज पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। इसी के खात्मे को लेकर प्रदेश और देश स्तर पर विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डीके चौधरी ने कहा कि टीबी संक्रमण के बारे में लोगों को जागरूक करके ही इसका खात्मा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में क्षय रोग के 141 बच्चों को विभिन्न लोगों की ओर से गोद लिया गया है। जिला कार्यक्रम समन्यवक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि टीबी का थीम ‘द क्लॉक द टिकिंग’ है। इसका मतलब दुनिया भर के देश टीबी जैसी घातक बीमारी को खत्म करने के लिए कोई बड़ा और जल्दी कदम उठाने का है। बताया कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना, खांसी में खून, थूक का आना, बुखार आना, भूख न लगना, सीने में दर्द, थकान का अनुभव आदि लक्षण है। कार्यक्रम में ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटेजी के कर्मी, क्षय रोग विभाग के कर्मी, आईसीटीसी कर्मी, अक्षय परियोजना के लोग उपस्थित रहे।