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तान्या, वर्तिका संभाली थाने की कमान

Sun, 10 Dec 2017 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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तान्या - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। नाम तान्या और वर्तिका। उम्र महज 14 साल। ओहदा सब इंस्पेक्टर का। प्रभारी एसओ बनीं प्रधानाचार्य अंजू चौहान के निर्देशन में इन दोनों छात्राओं ने रविवार को सदर थाने की कमान संभाली। फरियादियों से मिलीं, उनकी शिकायतें सुनी और विधि सम्मत कार्रवाई के लिए हलका इंचार्ज को जिम्मेदारी भी दी। पुलिस की सरकारी जीप में बैठकर क्षेत्र का भ्रमण किया और लोगों से भी मिलीं। कम्युनिटी पुलिसिंग के इस अभिनव प्रयोग का रविवार को गवाह बना सिद्धार्थनगर का सदर थाना। नारी सुरक्षा और सम्मान के मकसद से आयोजित कार्यक्रम में कुछ भी औपचारिकता नहीं था।
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 बाकायदा एसपी ने नए एसओ और एसआई की नियुक्ति की और फिर खुद थाने पहुंचकर उनकी अगवानी भी की। लिखित रूप से प्रभार पत्र सौंपते हुए उन्हें एसओ की कुर्सी सौंपी। करीब दो घंटे तक सदर थाने की कमान पूरी तरह प्रधानाचार्य और उनकी दो होनहार छात्राओं के हाथों में रही।
वैसे तो पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा एक दिन पहले ही तैयार हो गई थी। लेकिन रविवार को जब इसकी परिणति हुई तो हर किसी के लिए यह बिल्कुल नया अनुभव था। ठीक सुबह 10 बजे एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने एएसपी अरविंद कुमार, सीओ सदर डीके सिंह सहित अन्य प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अंजू चौहान को थानाध्यक्ष की कमान सौंपी।
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 सहयोगी के रूप में कॉलेज के कक्षा-9 की छात्रा तान्या और आठवीं की वर्तिका सिंह को एसआई नियुक्त किया गया। नए एसओ और एसआई ने सबसे पहले थाने का अवलोकन किया। फिर फरियादियों की शिकायतों पर सुनवाई शुरू की। पहली शिकायत लेकर पहुंचे राजकुमार सोनी ने भैंस चराने को लेकर हुए विवाद में मारपीट का आरोप लगाते प्रार्थना पत्र को सौंपा। दोनों छात्राओं ने पहले खुद मामले को संभाला। पीड़ित पक्ष से घटना के संबंध में कई सवाल किए। पूरी तहकीकात के बाद परामर्श के लिए एसओ अंजू चौहान के पास पहुंची। उनके निर्देश के बाद हलका सिपाही को तत्काल मौके पर जाकर निस्तारण का निर्देश दिया। 
दूसरी शिकायत यातायात से जुड़ी थी। सिद्धार्थ तिराहे पर बार-बार लगने वाले जाम के समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान को मुस्तैद रहने की हिदायत दी गई। छात्राओं ने पांच शिकायतें सुनी, फिर पुलिस जीप में बैठकर गश्त पर रवाना हो गई। कुछ देर जीप से भ्रमण किया और पैदल ही निकल गई। सिद्धार्थ तिराहे तक पहुंचकर लोगों से मिलीं। युवतियों-महिलाओं को रोककर उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। किसी भी तरह की परेशानी पर तत्काल 100 व 1090 नंबर डायल करने सलाह दी। करीब दो घंटे तक सदर थाना अंतर्गत कानून-व्यवस्था इनके हाथों में रही। बाद में नए अनुभव के साथ फिर से चार्ज डीके श्रीवास्तव को सौंप दिया गया। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों के अलावा नगर पालिका अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि पुलिस की कार्यशैली को अच्छे से जानने-समझने और महिलाओं को सम्मान दिलाने के मकसद से यह पहल की गई है।
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