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Siddharthnagar News: बकरीद बाजार में छाए ‘सुल्तान’ और ‘राजा बाबू’, साढ़े तीन लाख में बिका जोड़ा

Wed, 27 May 2026 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- बकरीद से पहले जिले की मंडियों में उमड़ी भीड़, आठ हजार से लेकर लाखों तक बिके बकरे
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- नौगढ़ मंगल बाजार में साढ़े तीन लाख रुपये में बिका जमुनापारी नस्ल का जोड़ा
- हल्लौर मंडी में एक लाख तक पहुंचे बकरों के दाम, दूर-दूर से पहुंचे कारोबारी
सिद्धार्थनगर। जिले में बकरीद से पहले बकरों की मंडियां पूरी तरह सज गई हैं। नौगढ़, बांसी, बढ़नी, डुमरियागंज और हल्लौर समेत कई कस्बों में मंगलवार को दिनभर खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। कुर्बानी के लिए लोग अपनी पसंद और बजट के हिसाब से बकरों की खरीदारी करते दिखे। जिले की सबसे चर्चित बिक्री नौगढ़ के मंगल बाजार में हुई, जहां राजस्थानी जमुनापारी नस्ल के बकरों का एक जोड़ा साढ़े तीन लाख रुपये में बिका।
बताया गया कि यह विशेष नस्ल का जोड़ा आगरा का एक व्यापारी लेकर आया था। खरीदार फसादीपुर निवासी कमरुद्दीन ने बताया कि बकरों की नस्ल, कद-काठी और सेहत को देखते हुए उन्होंने यह जोड़ा खरीदा। बाजार में यह जोड़ा दिनभर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। उधर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे की साप्ताहिक मंगल बाजार बकरा मंडी में भी भीड़ रही। त्याग और बलिदान के प्रतीक बकरीद का त्योहार करीब आते ही कुर्बानी के लिए खरीदारी तेज हो गई है। मंडी में बकरा, बकरी और भेड़ की जमकर खरीद-फरोख्त हुई। यहां आठ हजार रुपये से लेकर 80 हजार रुपये तक के बकरे बिके जबकि एक विशेष बकरे की कीमत एक लाख रुपये तक पहुंच गई।
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हल्लौर मंडी में इस बार जिले के अलावा आसपास के कई जनपदों से व्यापारी पहुंचे। गोंडा, बलरामपुर, फैजाबाद, अकबरपुर, बनारस, बहराइच और उतरौला समेत कई इलाकों से कारोबारी अपने जानवर लेकर आए थे। वहीं, बिस्कोहर और इटवा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। मंडी में दिनभर मोलभाव चलता रहा और सैकड़ों बकरों की बिक्री हुई। व्यापारियों का कहना है कि इस बार अच्छी नस्ल और बड़े आकार के बकरों की मांग ज्यादा है। लोग वजन, नस्ल और सजावट देखकर कीमत तय कर रहे हैं। कई खरीदार पहले से तय रकम लेकर मंडियों में पहुंचे थे।
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जिले के अन्य कस्बों बांसी, बढ़नी और डुमरियागंज में भी देर शाम तक बाजार गुलजार रहे। सड़कों किनारे अस्थायी मंडियां सजी रहीं, जहां छोटे कारोबारियों की भी अच्छी बिक्री हुई। त्योहार करीब आने के साथ अगले दो दिनों में मंडियों में और भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा चर्चा में क्या रहा
- नौगढ़ में साढ़े तीन लाख का जमुनापारी जोड़ा
- हल्लौर मंडी में एक लाख तक पहुंचा बकरे का दाम
- दूर-दूर से पहुंचे कारोबारी और खरीदार
- बच्चों और युवाओं में ‘सजे-धजे’ बकरों के साथ फोटो खिंचाने का उत्साह

कुर्बानी वाले बकरों की प्रमुख खूबियां
- जानवर पूरी तरह स्वस्थ और फुर्तीला हो।
- आंख, कान, पैर या शरीर में कोई गंभीर कमी या चोट न हो।
- सामान्य तौर पर बकरे की उम्र कम से कम एक वर्ष मानी जाती है।
- जानवर बहुत कमजोर या बीमार न हो।
- दांत और शारीरिक बनावट देखकर भी खरीदार उम्र और सेहत का अंदाजा लगाते हैं।
- अच्छी नस्ल, बेहतर वजन और साफ-सुथरे रख-रखाव वाले बकरों की मांग अधिक रहती है।
(धर्मावलंबियों से बातचीत के आधार पर)
मंडी में किन बातों पर तय होती है कीमत
- नस्ल (जमुनापारी, बरबरी, सिरोही आदि)
- वजन और कद-काठी
- उम्र और सेहत
- रंग, सजावट और देखभाल
- बाजार में मांग और उपलब्धता
(व्यापारियों से बातचीत के आधार पर)
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