शीतगृह निर्माण पर दो करोड़ तक मिलेगा अनुदान
जनपद में कहीं भी नहीं है शीतगृह, मुश्किलों का सामना कर रहे किसान
चार करोड़ की लागत से पांच हजार मीट्रिक टन तक के मल्टी चैंबर शीतगृह निर्माण पर मदद देगा उद्यान विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब तक अपनी उपज आलू, फल एवं सब्जियों के सुरक्षित भंडारण के लिए भटकने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है, उन्हें जल्द ही गैर जनपदों के बजाय अपने यहां ही शीतगृहों में भंडारण की सुविधा मिलने वाली है। उद्यान विभाग की तरफ से संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मल्टी चैंबर शीतगृहों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, जिले में शीतगृह निर्माण पर उद्यमी को दो करोड़ तक का अनुदान मिलेगा।
जिले में दो हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की खेती होती है, जिसके सापेक्ष यहां 44 हजार मीट्रिक टन (एमटी) आलू का उत्पादन होता है। पूर्व में नौगढ़ एवं डुुमरियागंज में संचालित शीतगृह विभिन्न कारणों से 20 वर्ष पहले ही बंद हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में कहीं भी शीतगृह न होने के कारण यहां के किसानों को आलू की फसल, सब्जियां और फल आदि के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिससे किसानों को सीमावर्ती जिले महराजगंज, बस्ती व संतकबीर नगर के शीतगृहों में आलू आदि का भंडारण करना पड़ता है। उद्यान विभाग की तरफ से इच्छुक उद्यमी को चार करोड़ रुपये की लागत से पांच हजार एमटी क्षमता तक के शीतगृहों के निर्माण पर दो करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा।
प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी पीएन राम ने बताया कि शीतगृह निर्माण कराने के इच्छुक उद्यमी को परियोजना का प्रस्ताव तैयार करा कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से स्वीकृत होने के बाद शीतगृह का निर्माण कराया जा सकेगा।
नौगढ़, बांसी, डुमरियागंज ब्लॉक में 50 प्रतिशत अनुदान
परियोजना के तहत शीतगृह निर्माण के लिए प्रति मैट्रिक टन पर आठ हजार रुपये लागत की दर होगी। नौगढ़, बांसी और डुमरियागंज ब्लॉकों में शीतगृह निर्माण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यहां पांच हजार एमटी क्षमता तक के शीतगृह के निर्माण पर लागत चार करोड़ रुपये में दो करोड़ रुपये अनुदान मिलेगा। अन्य ब्लॉकों में लागत की 35 प्रतिशत अनुदान अर्थात चार करोड़ रुपये लागत में 1.4 करोड़ तक अनुदान मिलेगा।
छोटे शीतगृहों पर भी मिलेगा अनुदान
प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी पीएन राम ने बताया कि आलू, फल एवं सब्जियों के भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए मल्टी चैंबर मल्टी उत्पाद वाले छोटे शीतगृहों के निर्माण पर भी अनुदान दिया जाएगा। एक लाभार्थी को अधिकतम पांच हजार मैट्रिक टन क्षमता तक के शीतगृह निर्माण के लिए अनुदान दिया जा सकता है। इच्छुक उद्यमी अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय पर संपर्क कर सकता है।