छुट्टियों में स्कूल खोलने और मिड-डे मील बनाने को लेकर शिक्षा विभाग और शिक्षक संघ में गतिरोध बढ़ता जा रहा है।
शासन ने हर हाल में मिड-डे मील बनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है, जबकि शिक्षक संघ किसी भी हाल में इस पर तैयार नहीं है।
संघ ने बहिष्कार का एलान भी कर दिया है। गतिरोध मिटाने के बजाए जिम्मेदार चुप्पी साध चुके हैं। उन्हें इसकी भनक भी नहीं कि शिक्षक छुट्टियों में मिड-डे मील न बनवाने पर अडिग हैं।
ऐसे में न सिर्फ शासन के निर्देश के खटाई में पड़ने की आशंका प्रबल है, बल्कि मिड-डे मील बनवाने के नाम पर गड़बड़ी के संकेत भी जाहिर हो रहे हैं। पूर्व में निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के तहत 20 मई से स्कूलों की छुट्टियां तय थी। चार दिनों पहले आए नए निर्देश के तहत स्कूलों में भले ही छुट्टी रहेगी, मगर बच्चों को बुलाकर मिड-डे मील जरूर दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। संघ ने शासन के निर्देश को मनमानी ठहराते हुए इसका बहिष्कार करने का एलान किया है।
उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी भी दे दी है। मंगलवार से स्कूल खुलने हैं। इसके तहत बच्चों को मिड-डे मील देना होगा, मगर शिक्षक संघ के अड़ने के बाद इसके आसार नहीं दिख रहे।