सिद्धार्थनगर। जिले के लेखपालों ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन सभी तहसीलों में धरना दिया। जिलाध्यक्ष की बर्खास्तगी सहित अन्य लेखपालों के खिलाफ हुई अन्य कार्रवाई को वापस लेने की मांग को लेकर लेखपाल कार्य बहिष्कार करके धरना दे रहे हैं। इस मामले में प्रशासन ने चार लेखपालों की सर्विस बुक में लाल स्याही चला दी है, जबकि वेतन बाधित करने की कार्रवाई की जा रही है।
पांच तहसीलों के एसडीएम ने 20-20 लेखपालों का वेतन बाधित किया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को 30-30 लेखपालों का वेतन बाधित किया गया था। लेखपालों के अनुसार कार्य बहिष्कार के किसानों पर भी दिखाई देने लगी है। धारा 24 के लंबित मामलों के निस्तारण नहीं होने से किसान परेशान हैं, जबकि प्रशासन के अनुसार हड़ताल से कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है। जनता से जुड़े कार्याें के लिए राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई है। लेखपाल संघ के मंत्री नवीन कुमार चौधरी का कहना है कि मांगों के न मानने तक कार्य बहिष्कार व धरना जारी रहेगा।
वर्जन
लेखपालों के धरना देने के मामले में शनिवार को सभी तहसीलों में 20-20 लेखपालों के वेतन कटौती की कार्रवाई की गई, जिन लेखपालों ने सरकारी कार्य शुरू कर दिया है, उनके वेतन की कटौती नहीं की जा रही है।
-डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी