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चोरी का माल बरामद, दो तमंचे के साथ तीन गिरफ्तार

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चोरी का माल बरामद, तीन गिरफ्तार
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स्वाट और डुमरियागंज पुलिस ने प्राणपुर बांध के पास से पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। स्वाट और डुमरियागंज पुलिस को सोमवार सुबह बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने क्षेत्र के प्राणपुर बांध के पास से शातिर अपराधी सहित तीन लोगों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से चोरी के आभूषण, नकदी, दो तमंचे सहित अन्य सामान बरामद किया गया। पकड़े गए बदमाश राजमन केवट पर लूट, डकैती सहित 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सोमवार को पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि 12 नवंबर की रात डुमरियागंज थानाक्षेत्र के बिजवार बढ़ई गांव में एक घर में चोरी हुई थी। घटना का पर्दाफाश करने के लिए स्वाट और डुमरियागंज पुलिस टीम लगी थी। सोमवार सुबह सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के कुछ लोग क्षेत्र के प्राणपुर बांध के पास स्थित एक झोपड़ी में हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गई। यहां पहुंचे तो झोपड़ी में पांच लोग थे, लेकिन पुलिस को आता देख दो लोग भाग गए और तीनों को पकड़ लिया गया। मौके पर आभूषण और नकदी भी बरामद की। पूछताछ में उन्होंने अपना परिचय राजमन केवट निवासी जमलाजोत थाना मिश्रौलिया, धनीराम वर्मा निवासी मदरहिया थाना शोहरतगढ़ और सतीश चंद्र सोनी निवासी बैदौला थाना डुमरियागंज बताया। पुलिस ने मौके से आभूषण, 55 हजार रुपये नकदी, दो तमंचा, एक बाइक, चार कारतूस, चोरी करने के लिए लोहे का रॉड, दो पेंचकस बरामद किया गया। राजमन ने बताया कि उसके खिलाफ जिले के अलावा बलरामपुर सहित अन्य जिले में लूट, डकैती, चोरी सहित 20 से अधिक मुकदमे हैं। धनीराम के खिलाफ लूट, चोरी के छह मुकदमे हैं। जबकि सतीश लूटे गए माल को खरीदने का काम करता है। सभी के खिलाफ केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम में एसओ डुमरियागंज केडी सिंह, स्वाट प्रभारी पंकज पांडेय, एसआई आनंद कुमार, परसा नाथ सिंह, ददन राय, आरक्षी पवन तिवारी, अखिलेश यादव, वीरेंद्र त्रिपाठी, दिलीप वर्मा आदि शामिल रहे।
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25 वर्ष पूर्व उतरा था अपराध की दुनिया में
पुलिस के रिकॉर्ड पर गौर करें तो राजमन केवट ने लूट से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वर्ष 1995 में मिश्रौलिया थाने में उसके खिलाफ लूट का पहला मुकदमा लिखा गया था। 25 वर्ष पूर्व से यह अपराध करता आ रहा है। इस दौरान इसके खिलाफ लूट, डकैती, मादक पदार्थ की तस्करी, सहित कई मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2013 तक अपराध करने का सिलसिला जारी रहा। एक बार फिर सात साल बाद 12 नवंबर रात में डुमरियागंज थानाक्षेत्र के बिजवार बढ़ई गांव में चोरी की। पूछताछ में उसने पुलिस के समक्ष यह स्वीकार भी किया।
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