सिद्धार्थनगर। नेपाल न सिर्फ वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों के लिए सेफ जोन बना है बल्कि चोरी का माल ठिकाने के लिए भी यह शातिरों के लिए मुफीद जगह बन गई है। लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देकर बदमाश यहां लोगों को कंगाल कर रहे हैं।
वहीं, नेपाल में चोरी और लूट का माल बेचकर खुद मालामाल हो रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नेपाल में बिक्री करने पर अगर पकड़े भी जाते हैं तो पुलिस माल की रिकवरी भी नहीं पाती जबकि, यहां पर बेचने के बाद कई बार पुलिस संबंधित दुकानदार के बारे में जानकारी लेकर माल बरामद करती है।
सूत्रों ने बताया कि नेपाल से बदमाशों का कनेक्शन हाल के माह और कुछ दिनों के भीतर हुई कार्रवाई में पुख्ता हुआ है। पकड़े गए आरोपियों के हत्थे चढ़ने के बाद अपराध से मिली संपत्ति और रुपये को नेपाल में बेचने और खर्च करने की बात कबूली है। इसमें कोई उसी रकम को कसीनो में खर्च कर लौट रहा है तो कोई होटलबाजी और नशे में उसे उड़ा दे रहा है।
वहीं, अपराधियों का नेपाल से कनेक्शन पुलिस के लिए चुनौती बन रहा है। जानकारों के मुताबिक नेपाल ट्रेंड का प्रयोग 18 से 40 वर्ष की आयु के युवा ज्यादा कर रहे हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में जरायम की दुनिया में कदम रखा है।
इस संबंध में एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि कोई भी मामला होता है, पुलिस कार्रवाई करने के साथ ही पूछताछ में जो सामने आता है। उस पर भी जांच की जाती है।
कसीनो की लत, चाेरी का सफर : दो माह पहले खेसरहा पुलिस ने चोरी के मामले में एक आरोपी को पकड़ा। उसने खेसरहा ही नहीं इटवा और सदर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसके कब्जे से चोरी के सामान के साथ ही भैरहवा के कसीनो का एक कार्ड भी मिला। जब पुलिस ने इस संबंध में जानकारी ली तो वह टूट गया और बताया कि नेपाल के कसीनो में वह अकसर जाता है।