एसटीएफ ने जताई सबूत मिटाने की आशंका
सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षक की नौकरी हासिल करने वालों को चिह्नित कर लिए जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग केस दर्ज कराने में शिथिलता बरत रहा है। कार्रवाई में देरी को देखते हुए एसटीएफ ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को रिपोर्ट भेजी। उसके बाद महानिदेशक ने कार्रवाई करके 30 जून को रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। प्रदेश में 176 और जिले में सात शिक्षकों पर कार्रवाई होनी है। केस दर्ज कराने में लापरवाही पर एसटीएफ ने सुबूत मिटाने की आशंका जताई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वालों की जांच हो रही है। वर्ष 2018-19 में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों के कार्यरत होने की बात सामने आई थी। मामला गंभीर दिखा तो जांच एसटीएफ को सौंपी गई। शासन के निर्देश पर एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने जिले में जांच का जिम्मा संभाला। उसके बाद परत दर परत शिक्षकों के फर्जीवाड़े की पोल खुलने लगी। यहां तक कि शिक्षा माफिया राकेश सिंह भी पकड़ा गया। जमानत पर उसके बाहर आने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई करके पुलिस ने दोबारा उसे सलाखों के पीछे पहुंचवा दिया। जिले में अब तक 104 फर्जी शिक्षकों पर केस दर्ज हो चुका है।
इनमें 70 से अधिक जेल भेजे जा चुके हैं। एसटीएफ की जांच में और फर्जी शिक्षक पाए गए हैं। प्रदेश के 37 जनपदों में 176 ऐसे शिक्षक मिले हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे अभिलेखों में नौकरी करते हुए मिले हैं। इनमें सात सिद्धार्थनगर जनपद के हैं। इनके चिह्नित होने के बाद एसटीएफ की ओर से केस दर्ज कराने के लिए सूची भेज दी गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में लापरवाही और साक्ष्य मिटाने की आशंका को देखते हुए एसटीएफ ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र जारी करके कार्रवाई के लिए कहा। महानिदेशक ने 30 जून तक कार्रवाई करके रिपोर्ट देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि संबंधित बीईओ को केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट देने में लापरवाही
फर्जीवाड़ा करके नौकरी करने वाले शिक्षकों से रिकवरी करने के संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कई बार बेसिक शिक्षा विभाग को पत्राचार किया जा चुका है। विभागीय जिम्मेदार इसमें किसी प्रकार की रुचि नहीं ले रहे हैं। जिन 104 शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है, उनसे धन की रिकवरी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाना है। इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई की जानी है। नोटिस जारी न होने से पुलिस विभाग भी परेशान है। एएसपी सुरेश चंद रावत ने बताया कि फर्जी शिक्षकों से धन की रिकवरी के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग को पत्राचार किया गया है।