सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 18 मई 2018 को दोस्त की पत्नी के साथ दरिंदगी और फिर गला घोंटकर हत्या कर देने के मामले में गवाहों का बयान हुआ है। मामला बहस में चल रहा है। जल्द फैसला आ सकता है। मुख्य आरोपी और रिश्तेदार पर पहले हत्या का केस दर्ज हुआ था। फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई और फोरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें मुख्य आरोपी पर दुष्कर्म करने की धारा बढ़ाई गई। जबकि हत्या में सहयोगी उसके रिश्तेदार पर भी हत्या का केस चल रहा है। सनसनी फैला देने वाले इस हत्याकांड की विवेचना का पूरा करके न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने में लगभग डेढ़ माह का वक्त लगा था। पति पैरवी के लिए आता है। उनका कहना है कि उसे न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है। आरोपियों को सजा मिलने के बाद ही उसकी पत्नी की आत्मा को सुकून मिलेगा।
खेसरहा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक 18 मई 2018 को क्षेत्र के ही एक गांव में किसी के यहां निमंत्रण में गया हुआ था। संतकबीरनगर जनपद के सालेपुर गांव निवासी रज्जाक की उसी गांव में रिश्तेदारी हैं। जहां पर उसका अकसर आना जाना रहता था। इसी बीच युवक से उसकी दोस्ती हो गई थी। उसी रात रज्जाक ने युवक से फोन के जरिए संपर्क किया और गांव में आने की बात कही। उससे जानकारी ली कि कहां पर हो। जब उसने लोकेशन बता दिया तो घर में घुस गए। इस बीच रज्जाक ने उसे गलत नियत से पकड़ा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। और मौके से भाग खड़े हुए थे। घर से निकलते वक्त एक व्यक्ति ने देख लिया था। जब पति घर पहुंचा तो पत्ननी मुंह के बल मृत पड़ी थी और बेटा रो रहा था।
पड़ोसी ने बताया कि दोनों घर से निकले हैं। इसलिए नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। आरोपियों को जेल भेज दिया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म होने की बात सामने आई। इसके बाद विवेचक ने फोरेंसिक जांच कराई। मुख्य आरोपी रज्जाक पर दुष्कर्म की धारा बढ़ी जो केस को और मजबूत कर दिया। विवेचक ने लगभग डेढ़ माह में जांच पूरी की और साक्ष्य संकलन करके न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। अब गवाहों का बयान हुआ है। बहस में मामला चल रहा है, जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है।
-
विवेचना में कई अहम साक्ष्य जुड़े
विवेचना अधिकारी ने जब जांच और साक्ष्यों का संकलन शुरू किया तो पहले तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद केस में धारा बढ़ी। इसके बाद पति से मोबाइल पर हुए बात की गहनता से जांच हुई तो पाया गया कि आरोपी पहले से ही प्लान करके आया था कि महिला के साथ वह गलत करेगा। क्योंकि बात करते हुए पति से कई बार जानने की कोशिश की कि कितने देर में लौटना है। जरूरी बात करनी है। उस दौरान उसने बताया कि लगभग दो घंटे का वक्त आने में लगेगा। यह जानकारी होने के बाद वह निश्चिंत होकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह पाया गया कि घर के आसपास उसका मोबाइल दो बात होने के दो घंटे अधिक समय तक नेटवर्क में रहा। जो पुलिस के लिए साक्ष्य का हिस्सा बना। इसके अलावा कई अहम सुराग मिले, जिसे साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने प्रस्तुत किया है।
-
महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में गवाही हुई है। साक्ष्य परीक्षण के साथ ही बहस में मामला लगा हुआ है। हड़ताल के कारण बहस शुरू नहीं हुई नहीं तो अबतक फैसला आ गया होता।
-राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता
-
वह घटना कभी नहीं भूल पाएंगे। लेकिन हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूर्ण रूप से भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा। जब न्याय मिलेगा तभी पत्ननी की आत्मा को शांति मिलेगी।
-मृतका का पति