सिद्धार्थनगर। चार माह से घर जाने वाले रास्ते पर डेढ़ फिट पानी भरा हुआ है। डेढ़ सौ मीटर के दायरे में पानी फैला हुआ है, जिसे देखने के बाद यह नहीं कह सकते हैं कि तालाब नहीं है। इस दुश्वारी से परेशान होकर अधिकांश लोग रास्ता बदल चुके हैं। चौंकिए नहीं यह किसी गांव का हाल नहीं है। यह कलक्ट्रेट के पास हेडगेवार नगर मुहल्ला की दशा है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण साल के छह माह लोगों को रास्ता बदल देते हैं। साथ संक्रामक रोग के खतरा बना हुआ है। पर जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
नगर से सटा हुआ साड़ी चार साल पहले तक गांव का हिस्सा था। शहर के करीब होने के बाद भी यहां की गिनती गांव में होती थी। होना भी स्वाभाविक ही था। बड़े- बड़े भवन तो बन गए, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था न होने कारण हाईवे से निकलकर गांव में जाने वाले मार्ग पर बारिश में पानी भर जाता है। वह भी कम नहीं जो दो या चार दिन में खत्म हो जाए। यह पूरे छह माह रहता है।
इसलिए कुछ लोग डेढ़ फिट पानी भरे सड़क से होकर जाते हैं। वहीं अधिकांश लोग रास्ता बदल लेते हैं। भारी बारिश हुए एक माह से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन पानी भरा ही है। लोगों को उम्मीद थी कि सीमा विस्तार होने के बाद गांव से शहर का दर्जा मिल गया। अब समस्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में ईओ विंध्याचल ने बताया कि इस बारे में जानकारी नहीं है। पता करवाते हैं, समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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बोले वार्डवासी
शहर के पास होते हुए भी गांव में गिनती होती थी। जब शहर का दर्जा मिला तो लगा कि संकट कट गया। लेकिन आज भी समस्या वैसे ही बनी हुई है। कोई देखने वाला नहीं है।
-रघ्घू, वार्ड निवासी
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जलनिकासी की समस्या से हम लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि यहां पर पहले नाली थी। जिसे लोगों ने पाटकर कब्जा जमा लिया। इस वजह से जलभराव की समस्या बनी है। लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
-श्याम सुंदर
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जलनिकासी की व्यवस्था हो और नाली का निर्माण हो। इसके लिए गांव के लोग जिलाधिकारी मिल चुके हैं। उनकी ओर से आश्वासन दिया गया था कि जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन अभी तक समस्या बनी है। नगर पालिका भी ध्यान नहीं दे रहा है।
-अबदुल्ला, वार्ड निवासी