-इटवा में शुरू हुआ 10 बेड का एसएनसीयू, नवजात मरीजों को मिलने लगी सुविधा
-इटवा सीएचसी में दो बाल रोग विशेषज्ञ के देख रेख में नवजातों का किया जाएगा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा सीएचसी में 10 बेड का एसएनसीयू शुरू होने से नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी। इसके लिए एसएनसीयू में लेबर टेबल, सेवन ट्रे, बायोमेडिकल वेस्ट, रेडियल वार्मर (ठंड से बचाव के लिए), फोटो थेरेपी (पीलिया ग्रस्त बच्चों के लिए), कंसंट्रेटर (ऑक्सीजन के लिए) मौजूद है। इससे नवजात को मेडिकल कॉलेज लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नवजात शिशुओं के जन्म के बाद अक्सर उन्हें कई समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे में कई बार इटवा, डुमरियागंज से मेडिकल कॉलेज तक आने वाले नवजातों की जान जोखिम में रहती है, जबकि कई बार स्थिति गंभीर होने पर परिजनों को नवजात को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इससे परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नवजातों को सुविधा देने के लिए इटवा सीएचसी में भी 10 बेड का एसएनसीयू वार्ड का निमार्ण करवाया गया है। इसका संचालन कई दिनों से हो रहा है।
सीएचसी में नवजात शिशुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए दो बाल रोग विभाग के डॉक्टर भी नियुक्त किए गए हैं। इससे नवजातों को ओपीडी में भी बेहतर इलाज मिल पाएगा। इसके लिए दो डॉक्टर जय प्रकाश मौर्य व डॉ. अभिजित सिंह नियुक्त किए गए हैं।
वर्जन
इटवा सीएचसी में 10 बेड का एसएनसीयू वार्ड मौजूद है। इसमें नवजात शिशुओं को भर्ती भी किया जा रहा है। इटवा के एसएनसीयू वार्ड से नवजात शिशुओं के मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
-डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ