जिले के पांचों तहसीलों में 266 गांव हैं बाढ़ प्रभावित, 111 गांव है मैरुंड
बाढ़ प्रभावित व मैरुंड गांवों के लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खतरे के लाल निशान से 49 सेमी ऊपर पहुंचकर राप्ती नदी पिछले 24 घंटे से ठहरी हुई है। वहीं बूढ़ी राप्ती लाल निशान से 2.56 मीटर ऊपर पहुंचकर उतरने लगी है, लेकिन सोमवार को भी खतरे के निशान से 2.45 मीटर ऊपर बनी हुई है। जबकि कूड़ा नदी अभी भी रफ्तर पकड़े हुई हैं जो खतरे के निशान से 61 सेमी ऊपर बह रही हैं। इन नदियों के उफनाने से जिले के 266 बाढ़ प्रभावित गावों में तबाही मची हुई है और अभी भी 111 गांव मैरुंड बने हुए हैं, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। वहीं जिन गांवों से पानी उतर रहा है वहां कीचड़ व गंदगी से जीवन मुश्किल हो गया है।
कूड़ा नदी को छोड़कर जिले की अन्य बड़ी नदियों के जलस्तर में या तो ठहराव आ गया है अथवा उतरने लगी है। इसके बाद भी नौगढ़ तहसील के 56, बांसी के 42, डुमरियागंज के 76, इटवा के 45 और शोहरतगढ़ 47 बाढ़ प्रभावित गांवों में तबाही मची हुई है। बूढ़ी राप्ती नदी में आए बाढ़ से नौगढ़ तहसील के मैरुंड गांव तिवारीडीह के लोगों की स्थिति बदहाल है। कई दिनों से जरूरी सामान खरीदने अथवा बीमार होने पर जान खतरे में डालकर छोटी नाव से घर से बाहर निकलने को मजबूर है। बाढ़ से घिरे हथिवड़ताल गांव के तिवारीडीह टोले के निवासी अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि पिछले पांच दिन से उनका गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ हुआ है। यहां पर गांव के लोगों के बांध तक आवागमन के लिए एक छोटी नाव की व्यवस्था की गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बैठने पर डूबने का खतरा बना रहता है।
रात में जागकर बांधों की रखवाली कर रहे अधिकारी
सिद्धार्थनगर। बूढ़ी राप्ती नदी के खतरे के निशान से 2.560 मीटर नदी किनारे के बांधों पर बढ़े दबाव से सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। वह रात को भी जागकर बांधों की रखवाली कर रहे हैं। रविवार देर रात को अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती सुरेंद्र मोहन वर्मा ने रात्रि प्रवास करते हुए ड्रेनेज खंड के तहत आने वाले लखनापार-बैदौला तटबंध एवं उसका लखनापार तटबंध, कूड़ा-घोंघी तटबंध की निगरानी एवं देखभाल के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लखनापार-बैदौला तटबंध के तनेजवा कटान स्थल, कूड़ा-घोंघी तटबंध के इमिलिहा कटान स्थल पर भंडारित रिजर्व स्टॉक सामग्री सीमेंट की खाली बोरी, नायलॉन क्रेट, सीपेज रोकने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बालू, गिट्टी, मिट्टी से भरी बोरी का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधीनस्थों को लगातार निगरानी एवं देखभाल करते हुए पर्याप्त स्टॉक सामग्री का भंडारण कर लिए जाने का निर्देश दिया। अधिशासी अभियंता राम राज ने बताया कि ड्रेनेज खंड के 157.879 किमी लंबे 17 बांधों की लगातार निगरानी कर रहे है। इस दौरान एई वैभव पांडेय, चंद्रशेखर शर्मा, मनोज कुमार रायजादा, जेई अभिजीत सिंह, संजय कुमार, मुनीब कुमार, राजीव लोचन भर्मा, सियाराम प्रजापति उपस्थित रहें।
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नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर रविवार सोमवार
राप्ती 84.900 85.39 85.39
बूढ़ी राप्ती 85.650 88.34 88.10
कूड़ा 83.520 84.09 84.13
घोघी 87.00 87.25 86.75
बानगंगा 93.420 93.40 93.10