सिद्धार्थनगर। अयोध्या में सोमवार को भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा होना है। जिसके लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षत रूपी चावल बांटा जा रहा है। लेकिन अधिकतर लोग संशय में है कि इस चावल का क्या करें क्या न करें । इस बारे में आचार्य योगेश ने अक्षत का विशेष महत्व बताया है।
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि भगवान राम के पावन पवित्र नगरी अयोध्या धाम से आया यह अक्षत अपने आप में विशेष दुर्लभ संयोग से युक्त है। जो अद्भुत अद्वितीय योगों में समाहित है। उन्होने आगे बताया कि प्राचीन परंपरा के अनुसार पहले किसी आयोजन के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देने के लिए लोग अक्षत का उपयोग करते थे। सनातन धर्म में अक्षत का विशेष महत्व है । हिंदू धर्म में कोई भी पूजा पाठ, अनुष्ठान या धार्मिक कार्य अक्षत के बिना संपन्न नहीं होता है।
पूजित अक्षत काे घर में रखें, मिलेगा यश व वैभव
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि चावल शुक्र ग्रह को दर्शाता है। और शुक्र ग्रह के मजबूत होने से धन वैभव महालक्ष्मी समस्त भौतिक सुख सुविधा प्राप्त होती हैं। और यदि इसका लाभ लेना है तो चावल को लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें ऐसा करने से मंगल और चंद्र दोनों सक्रिय हो जाते हैं। दोनों मिलकर मां लक्ष्मी श्री योग का निर्माण करते हैं।
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अक्षत वाले चावल का खीर बनाएं
ज्योतिषाचार्य आचार्य योगेश पांडेय ने कहा कि राम मंदिर से मिले चावलों का बहुत विशेष महत्व है इसलिए प्राण प्रतिष्ठा के बाद इन चावलों से खीर बनाई जा सकती है। इसे पूरे परिवार के साथ प्रसाद के तौर पर ग्रहण कर सकते हैं। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी। नकारात्मकता दूर होकर घर में सकारात्मकता का प्रवेश होगा।