वरासत दर्ज कराने के लिए चलेगा विशेष अभियान
समस्या आने पर दूरभाष नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत
अभियान समाप्ति पर देना होगा लंबित नहीं होने का प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। निर्विवाद (जिसमें कोई विवाद न हो) वरासत दर्ज करने के लिए जिले में भी विशेष अभियान 15 दिसंबर से शुरू हो चुका है। इसके लिए तिथिवार लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। ये जानकारी डीएम दीपक मीणा ने दी।
डीएम बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभियान की समाप्ति पर बिना विवाद के कोई भी वरासत लंबित नहीं होने का प्रमाण पत्र भी अधिकारियों को देना है। लेखपाल एक दिन पूर्व संबंधित गांव में डुग्गी-मुनादी कराएंगे। वरासत अभियान के दौरान किसी के निजी स्थान पर बैठकर खतौनी नहीं पढ़ी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम में एक पंजिका बनाई जाएगी। आवेदक स्वयं घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं। राजस्व परिषद की वेबसाइट पर राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली लिंक पर जाकर उत्तराधिकार अथवा वरासत के लिए आवेदन पर क्लिक करके कर सकते हैं। कोई समस्या आने पर दूरभाष नंबर 05544-220222, मोबाइल नंबर 9336707675 पर अवगत करा सकता है।
वरासत अभियान की तिथियां
वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 से 30 दिसंबर, हलका लेखपाल की ओर से ऑनलाइन जांच और कार्रवाई 31 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होगी। राजस्व निरीक्षक की ओर से जांच और आदेश की कार्रवाई 16 से 31 जनवरी तक की जाएगी। राजस्व निरीक्षक के नामांतरण आदेश को अभिलेखों में दर्ज कर खतौनी की प्रविष्टियों को भूलेख सॉफ्टवेयर अपडेट करने की कार्रवाई 16 से 31 जनवरी तक होगी। लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और एसडीएम को विवाद रहित मामला बाकी न रहने का प्रमाण पत्र देने की अवधि एक से सात फरवरी, प्रत्येक तहसील के दस प्रतिशत गांवों का सत्यापन आठ से 15 फरवरी, अभियान की रिपोर्ट तय प्रारूप पर वेबसाइट पर अपडेट करने की कार्यवाही 31 दिसंबर, 17 जनवरी और दो फरवरी, जिले स्तर से प्रमाण पत्र राजस्व परिषद को भेजने की समय सीमा 20 फरवरी तय की गई है।