कहीं विपक्ष तो कही अपनों से ही होगी टक्कर
सभी 14 ब्लॉकों में प्रमुख पद के भाजपा प्रत्याशियों को मिलेगी चुनौती
प्रमुख पद के लिए ब्लॉकों में घमासान, हर सीट पर जोड़तोड़ की गणित तेज
परमात्मा शुक्ल
सिद्धार्थनगर। ब्लॉकों में प्रमुख पद के लिए जोड़तोड़ की गणित तेज हो गई है। जिले के सभी 14 ब्लॉकों में प्रमुख की कुर्सी के लिए भाजपा को कड़ी चुनौती मिलनी तय है। अधिकांश ब्लॉकों में प्रमुख विपक्षी सपा मजबूती से चुनावी ताल ठोक रही है। जहां विपक्ष कमजोर नजर आ रहा है, वहां सत्ताधारी दल के दो दावेदारों के बीच कुर्सी के लिए रस्साकसी चल रही है।
अभी ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव तिथि की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच है। अभी सभी ब्लॉकों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रत्याशी भले ही घोषित नहीं हुए हैं, फिर भी प्रमुख के दावेदार सदस्यों से संपर्क कर उन्हें अपने पक्ष में लाने की जद्दोजहद तेज कर दिए हैं। जिले के 14 में आठ ब्लॉकों में सत्ताधारी भाजपा को सपा कांटे की टक्कर देते हुए दिख रही है, जबकि छह ब्लॉकों में विपक्ष कमजोर दिख रहा है, लेकिन वहां पर सत्ता पक्ष से ही दो से अधिक मजबूत दावेदार ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा को सभी सीटों पर बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। भाजपा ने सभी ब्लॉकों में एक से अधिक दावेदारों के नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव यादव का कहना है कि प्रत्याशियों की घोषणा प्रदेश नेतृत्व से होगा। घोषित प्रत्याशियों को पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ाएगी। वहीं सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव का कहना है कि जिले के अधिकांश ब्लॉकों में सपा की स्थिति बहुत मजबूत है और चुनाव परिणाम भी सपा के पक्ष में रहेगा।
सपा का 12 ब्लॉकों पर रहा कब्जा
पिछले पंचायत चुनाव में सत्ताधारी पार्टी रही सपा का 14 में से 12 ब्लॉकों के प्रमुख पद पर कब्जा रहा है। वर्तमान सत्ताधारी भाजपा को सपा की तरफ से खींची गई इस लकीर से आगे ले जाने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा। पिछले पंचायत चुनाव में जहां विपक्ष निष्क्रिय रहा, वहीं वर्तमान में सपा अंदरखाने में प्रत्येक सीट पर मजबूती से तैयारी करते दिख रही है।
असमंजस में फंसे सदस्य
प्रमुख पद के दावेदारों की तरफ से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) को सहेजने के लिए सभी तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। उन्हें चुनाव बाद विकास कार्यों में बड़ी हिस्सेदारी देने के साथ ही आर्थिक लाभ का पैकेज देने का भी वादा दिया जा रहा है। सभी ब्लॉकों में दावेदारों की तरफ से दिए जा रहे ऑफर से प्रतिद्वंद्वी अधिक देने का दावा कर रहे हैं। हालांकि कई सदस्य विकास कार्यों में हिस्सेदारी की बात करते हुए मत देने की बात कर रहे हैं। कई सदस्य तो चुनाव में यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि किसका पलड़ा भारी है।
प्रमाणपत्र एकत्रित करने की लगी होड़
वर्तमान में ब्लॉक प्रमुख के दावेदारों के बीच क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) का प्रमाणपत्र एकत्रित करने की होड़ मची है। इनमें कुछ तो सत्ताधारी दल से टिकट की होड़ में अन्य दावेदारों से आगे निकलने के लिए सदस्यों का निर्वाचन प्रमाणपत्र एकत्रित करने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ चुनाव पूर्व ही अपनी स्थिति मजबूत करने को प्रमाणपत्र एकत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।