सिद्धार्थनगर। बीएसए ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक सरकारी कर्मचारी सहित पांच लोगों आभूषण चोरी की वारदात में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पूर्व में गोरखपुर में पकड़ी गई महिलाओं और पुरुषों के गिरोह के जैसे ही यहां पर भी वारदात को अंजाम दिया गया है।
वह गिरोह रेलवे स्टेशन बाजार और अन्य भीड़-भाड़ वाली जगह पर लोगों को शिकार बनाता था। यह गिरोह भी वारदात को वैसे ही अंजाम दे रहा है, जिससे वैसे ही नए गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल भीड़ और धक्का मुक्की के बीच हुई इस वारदात में पुलिस खाली हाथ है। नगर के बीएसए ग्राउंड में कुछ दिन पहले सामूहिक विवाह में हजारों की भीड़ थी। आपात स्थिति या फिर चोरी छिनैती को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से पूर कार्यक्रम स्थल को घेरा गया था। हर प्वाइंट पर सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। इंट्री प्वाइंट भी बनाया गया था, जहां से लोगों को इंट्री दी जा रही थी। इतनी व्यवस्था के बाद एक सेक्रेटरी समेत पांच महिलाओं के मंगलसूत्र और चेन चोरी हो गए। किसी को भीड़ के बीच निशाना बनाया गया तो कोई धक्का-मुक्की के बीच शिकार बना। एहसास तब हुआ जब, गला सूना हो गया फिर खींचने पर दर्द महसूस हुआ।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर घटनाक्रम को देखा जाए तो यह कोई एक व्यक्ति या फिर महिला का काम नहीं है। क्योंकि एक हाथ मारने के बाद दूसरे के गले पर हाथ डाल देना मुश्किल है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं है कि संगठित गिरोह ने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है।
सदर के एसओ मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में महिलाओं ने जेवरात चोरी होने के आरोप लगाए हैं, जिसकी जांचकर कार्रवाई की जाएगी।