सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के अंतरिम कार्य परिषद की बैठक में शनिवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पठन-पाठन को स्मार्ट बनाने के लिए जहां वर्चुअल और स्मार्ट क्लासरूम पर जोर दिया गया, वहीं ई-मार्कशीट, ई-डिग्री की सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।
संबद्ध महाविद्यालयों के निरीक्षण को पैनल गठन और शिक्षकों के चयन को विषय विशेषज्ञों को नामित करने के लिए कार्य परिषद ने सर्वसम्मति से कुलपति को अधिकृत कर दिया।
यूनिवर्सिटी के सभागार में हुई बैठक में प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री रामकरन आर्य सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्य ने हिस्सा लिया।
सबसे पहले 25 जनवरी को हुई वित्त समिति की बैठक में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन करते हुए सदस्यों ने उसे स्वीकृति प्रदान की।
कुलपति डॉ. रजनीकांत पांडेय ने कार्य परिषद के समय आगामी सत्र के काम-काज का प्रारूप पेश किया। आरंभ से ही टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
इसके लिए स्मार्ट और वर्चुअल क्लासरूम, ई-लर्निंग और ई-क्लासेज शुरू करने की सहमति बनी। यह भी तय हुआ कि कॉलेजों की वेबसाइट तैयार की जाए।
विद्यार्थियों को डिग्री, मार्कशीट और अन्य प्रमाण पत्रों के लिए बार-बार भटकने की बजाए ऑनलाइन की सुविधा दी जाए। नेशनल नॉलेज नेटवर्क को विकसित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार, अवध यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो.जीसी जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक अखिलेश पाल सहित संतकबीरनगर से प्राचार्य डॉ. अजय कुमार पांडेय, बस्ती से डा.शीतला प्रसाद मौर्य, महराजगंज से डॉ. रमेन्द्र कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।