विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए लंबी दूरी तय कर मुख्यालय आए दिव्यांगों का गुस्सा शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की दुर्व्यवस्थाओं पर फूट पड़ा। नाराज दिव्यांगों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में हंगामा मचाया।
विरोध जताते हुए जिम्मेदारों को खूब खरी-खोटी सुनाई। बाद में सीएमओ से मिलकर भी अपना दुखड़ा रोया। आक्रोशित दिव्यांगों को सीएमओ ने आश्वस्त किया कि 15 फरवरी को लगने वाले कैंप में बेहतर सुविधाओं के साथ सभी के स्वास्थ्य की जांच कराकर प्रमाण पत्र निर्गत करा दिया जाएगा।
प्रत्येक माह की 15 व 30 तारीख को सीएमओ कार्यालय परिसर में कैंप लगाकर विकलांगता प्रमाण पत्र निर्गत किए जाते हैं।
शनिवार को भी प्रमाण पत्र पाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांग सीएमओ कार्यालय पहुंचे थे।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन अग्रवाल ने कुछ देर तक जांच कर प्रमाण पत्र जारी भी किया, मगर दोपहर बाद अचानक से उन्हें वीआईपी ड्यूटी में भेज दिया गया।
किसी अन्य डॉक्टर की तैनाती भी नहीं की गई। कार्यालय परिसर में एकत्रित दिव्यांग घंटों तक डॉक्टर की बाट जोहते रहे। करीब दो घंटे बाद भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
विरोध जताते हुए दिव्यांगों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कड़ाके की ठंड के बावजूद जिले के कोने-कोने से दिव्यांग तमाम मुश्किल झेलकर यहां पहुंचे हैं, बावजूद विभाग कोई सुध नहीं ले रहा।
शिविर स्थल पर पर्याप्त इंतजामों के अभाव में वैसे ही दुश्वारियां होती रहती हैं, अब डॉक्टर के भी न होने से जाहिर हो रहा है कि जिम्मेदारों को उनकी कितनी फिक्र है।
हंगामे के बाद दिव्यांगों का दल सीएमओ कार्यालय पहुंचा। उनसे मिलकर अपनी पीड़ा जाहिर की। विरोध जताने वालों में विकलांग कल्याण समिति के अध्यक्ष बाबा बालक दास, राजकुमार, रेनू, पूनम, कोइन, फमीदा, नीतू, कलावती आदि शामिल रहे।