सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए कई स्तर पर जांच की जाएगी। इसमें निरीक्षण के लिए छह सचल दल बनाया गया है। छह दल की टीम 18 केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगी। यह दस्ते परीक्षा अवधि के दौरान लगातार सक्रिय रहेंगे और जिले के 119 परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत परखेंगे। प्रशासन का साफ निर्देश है कि बोर्ड परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 18 फरवरी से होनी है। परीक्षा में 64,910 बच्चे शामिल होंगे। इसके लिए कुल 119 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए कई स्तर से तैयारी की गई। इसमें निरीक्षण के लिए सचल दस्ता बनाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की पांचों तहसील मुख्यालयों पर अलग-अलग सचल दस्ते तैनात किए गए हैं जबकि एक अतिरिक्त दस्ता रेंडम आधार पर किसी भी मार्ग से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेगा। यह दस्ता बिना पूर्व सूचना के केंद्रों पर पहुंचेगा, जिससे नकल माफिया या लापरवाह कर्मचारियों को सतर्क रहने का मौका न मिल सके।
सचल दस्तों को परीक्षा कक्षों की स्थिति, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डबल लॉक अलमारी, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में कुल 64,910 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया है। जनपद मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की पल-पल की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे जो सीधे उच्चाधिकारियों से जुड़े रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, सचल दस्ते किसी एक निर्धारित रूट पर नहीं चलेंगे बल्कि वैकल्पिक मार्गों से केंद्रों तक पहुंचेंगे। इससे नकल कराने वाले गिरोहों की पहले से की गई तैयारियां नाकाम होंगी। किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी मिलने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश हैं, जिसमें केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग, उड़नदस्तों की सक्रियता और कंट्रोल रूम से लगातार संवाद के जरिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्र-छात्राएं शांत, सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा दे सकें। पूरी तरह नकलमुक्त और अनुशासित माहौल में संपन्न कराई जाएगी।