- बीआरसी परसा में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का तीसरा दिन
- दो कक्षों में रोजाना 100 शिक्षकों को किया जा रहा प्रशिक्षित
शोहरतगढ़। एनसीईआरटी आधारित पाठ्य-पुस्तकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सरल तरीके से शिक्षा देने के उद्देश्य से बढ़नी विकास क्षेत्र के ब्लॉक संसाधन केंद्र परसा में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण के तीसरे दिन शिक्षकों को कमजोर बच्चों को पढ़ाने के लिए ‘कैच-अप शिक्षण’ विधि अपनाने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक विनित कुमार भास्कर और विष्णु त्रिपाठी ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान बनाना भी है। शासन के निर्देश के तहत उन बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है जो पढ़ाई में अपेक्षाकृत कमजोर हैं या विषय को आसानी से समझ नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘कैच-अप शिक्षण’ विधि के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार सरल तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया जा रहा है। इससे बच्चों की बुनियादी समझ मजबूत करने और उन्हें सीखने की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षकों के अनुसार प्रतिदिन दो अलग-अलग कक्षों में 100 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों पर आधारित नवीन पाठ्य पुस्तकों और निपुण लक्ष्य समेत अन्य शैक्षिक सामग्री के बारे में वीडियो स्क्रीन के माध्यम से जानकारी दी गई। शिक्षकों को कक्षा में इन संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के तरीके भी बताए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रामराज चौधरी, अरविंद कुमार आर्य, चंद्रभान, नवीन प्रकाश सिन्हा, अजय कुमार मिश्रा, निसार अहमद, विष्णु दत्त पांडेय, आरती मिश्रा, अंशु चौधरी और गीता अग्रवाल समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।