इटवा। गोल्हौरा थाने के डड़वा गांव निवासी हरिश्चंद्र (34) पुत्र पुन्नवासी की सोमवार की सुबह सर्पदंश से मौत हो गई। झाड़ी का कांटा समझकर परिजन इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले गए। कुछ देर बार जब तबीयत बिगड़ी तो उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह लगभग 10 बजे हरिश्चंद्र (34) पुत्र पुन्नवासी शौच के लिए गांव के उत्तर स्थित पोखरे की तरफ गए थे, जहां उन्हें कुछ काटने का एहसास हुआ। घर लौटकर उन्होंने इस बात की जानकारी परिजनों को दी। बताया कि किसी जंतु ने उसे काट लिया है। परिवार को लगा कि कोई कंटीली झाड़ी का कांटा अथवा नुकीली हड्डी चुभ गई होगी। यह सोचकर परिजन वह उसे इलाज कराने नहीं ले गए।
कुछ घंटे बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग निकलने लगा। स्थिति गंभीर होती देख परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सनफेरवा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत सर्पदंश की पुष्टि की।