सिद्धार्थनगर। कलक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिविल लाइंस तेतरी बाजार निवासी शैलजा अपनी दिव्यांग मां प्रभावती को लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई। युवती के पास पेट्रोल देखकर एलआईयू की टीम तत्काल सक्रिय हो गई और पेट्रोल छीन लिया।
सूचना पर सदर थाने की पुलिस और एसडीएम सदर रेनू मिश्र भी मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने युवती को हरसंभव मदद दिलाने और उसकी मां की देखभाल सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया। इसके बाद मां-बेटी को घर पहुंचाया गया।
शैलजा ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पिता रामकरन गुप्ता पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। नौकरी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार की सहमति से मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी मझले भाई बृजेश को मिली थी। शैलजा के अनुसार, बृजेश ने परिवार के सभी सदस्यों की देखभाल करने संबंधी शपथ पत्र भी दिया था।
शैलजा ने बताया कि परिवार में तीन भाई और तीन बहनें हैं। बड़े भाई रामबेलास की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनकी वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई। छोटे भाई बब्लू की भी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। आरोप है कि इसका फायदा उठाकर भाभी कमला गुप्ता ने उसकी संपत्ति बेचवा दी और उसे कहीं भेज दिया, जिसके बाद से बब्लू का पता नहीं चल रहा है।
शिकायत में बताया गया है कि शैलजा की दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है जबकि उसकी शादी अभी नहीं हुई है। उसकी मां प्रभावती पिछले करीब 20 वर्षों से बीमार हैं और पक्षाघात के कारण बिस्तर पर रहती हैं। उनकी देखभाल और दवा-इलाज की जिम्मेदारी शैलजा ही संभाल रही है।
शैलजा के अनुसार, मझले भाई बृजेश की वर्ष 2025 में मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनकी नौकरी और मृत्यु के बाद मिलने वाली धनराशि कमला गुप्ता को दी जा रही है। वह अपनी सास प्रभावती की देखभाल नहीं करतीं और न ही उनका इलाज कराती हैं।