फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: लेखपालों की हड़ताल से अटके काम, तहसीलाें में जरूरतमंद परेशान

Thu, 10 Sep 2026 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते लेखपाल संघ के पदाधिकारी। संवाद
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। लेखपालों के धरने का असर अब तहसील से जुड़े कार्यों पर पड़ने लगा है। आय जाति, निवास प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कार्य के लिए तहसील पहुंचने वाले लोगों को निराशा हाथ लगी। धरना प्रदर्शन से उनका काम रुक गया और होने से उनकी परेशानी बढ़ गई। यहां आने के बाद हड़ताल की जानकारी होने पर उन्हें लौटना पड़ा।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को लेखपालों के धरने का दूसरा दिन था। नौगढ़ तहसील में कुछ लोग काम के लिए पहुंचे थे। उन्हें यह जानकारी मिली कि लेखपाल धरने पर हैं। इसके बाद वह काफी देर तक धरना खत्म होने का इंतजार करते दिखे लेकिन खत्म न होने पर निराश होकर लौट गए। इसमें कुछ को केसीसी के लिए कागजात तो किसी को आय प्रमाण पत्र बनवाना था। अब धरना खत्म होने तक लोगों को दौड़ लगाना मजबूरी हो गई है।

नौगढ़ तहसील में आए थे। उन्होंने बताया कि केसीसी बनवाना था। इसके लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र भी मांगा गया है। यह आएं तो पता चला कि लेखपाल धरना पर हैं, अब बाद में आना पड़ेगा।
विज्ञापन

- दिनेश कुमार यादव, बर्डपुर
वह प्रधान प्रतिनिधि हैं। कई लोगों का जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाना था। यहां पता चला लेखपाल धरने पर हैं। पूछने पर बताए कि काम नहीं हो पाएगा। ऐसा एक दो नहीं बल्कि अनेक लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
- महबूब निवासी सोहांस सुमाली


दूसरे दिन भी धरने पर रहे लेखपाल, मांगें पूरी होने पर ही हटेंगे
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में शुरू हुआ लेखपालों को धरना दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी है। लेखापालों ने आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जबतक मांगें पूरी नहीं होती है धरना जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि लेखपालों से काम भी लिया जाता है। उनका शोषण भी किया जाता है। जो भी ग्राउंड स्तर का काम है, उसमें लेखपाल को लगा दिया जाता है। वह उसे पूरी मेहनत से करता भी है। इसके बाद भी उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी की जांच नहीं की जाती है, बिना जांच किए किसी भी मामले में कार्रवाई कर दी जाती है, यह अन्याय है। कम से कम जांच तो करानी चाहिए, अगर सही है तो कार्रवाई की जाए।
लेखपालों की आवाज को दबाया जाता है। कहा कि लेखपाल जितेंद्र यादव से इटवा में तहसीलदार ने गलत व्यवहार किया गया। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए। आगे उन्होंने मांगों को बताते हुए कहा कि खतौनी में किसानों के गाटों में ऑपरेटरों की ओर से की गई गलती को जल्द सही कराया जाए, जिससे किसानों को सही खतौनी मिल सके।
लेखपालों को जल्द आरटीके खतौनी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें सहूलियत मिल सके। पिछले साल का खसरा प्रिंट उपलब्ध कराई जाए। फार्मर रजिस्ट्री में शासनादेश का पालन किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को जल्द पूरा किया जाए। कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन

इस दौरान आनंद गौतम, शैलेश भारती, सुनील, सिंह, प्रभात सैनी, विनोद गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें