भनवापुर क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते राकेश शास्त्री। स्रोत विज्ञप्ति
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा वाचक राकेश शास्त्री ने सती चरित्र की कथा सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने बताया कि सती के चरित्र से महिलाओं को प्रेरणा लेना चाहिए।
कथावाचक ने बताया कि माता सती के पिता दक्ष ने एक विशाल यज्ञ किया था और उसमें अपने सभी संबंधियों को बुलाया। लेकिन, बेटी सती के पति भगवान शंकर को नहीं बुलाया। जब सती को यह पता चला तो उन्हें बड़ा दुख हुआ और उन्होंने भगवान शिव से उस यज्ञ में जाने की अनुमति मांगी। लेकिन, भगवान शिव ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि बिना बुलाए कहीं जाने से इंसान के सम्मान में कमी आती है।
माता सती नहीं मानी और राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में पहुंच गई। वहां पहुंचने पर सती ने अपने पिता सहित सभी को बुरा भला कहा और स्वयं को यज्ञ अग्नि में स्वाहा कर दिया। जब भगवान शिव को ये पता चला तो उन्होंने अपना तीसरा नेत्र खोलकर राजा दक्ष की समस्त नगरी तहस-नहस कर दी और सती का शव लेकर घूमते रहे।