सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा को सकुशल और नकलविहीन संपन्न कराने इस बार सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता पर भी खास जोर दिया गया है।
छात्राओं को जांच के दौरान किसी तरह की असहजता न हो, इसके लिए अब हर सचल दस्ते में महिला जांच अधिकारी की अनिवार्य तैनाती की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकेगी। छात्राओं की जांच में होने वाली समस्या को देखते हुए सचल दस्ते के साथ ही बालिकाओं के कक्षाओं में महिला कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी, जिससे परीक्षा में चेकिंग में परेशानी न होने पाए।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा के लिए कुल 119 केंद्र बनाए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा होनी है। परीक्षा को नकलविहीन और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए सचल दल का गठन किया जाता है।
शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देश के अनुसार, छात्राओं की तलाशी और जांच के लिए महिला अधिकारी सचल दस्ते का हिस्सा रहेंगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप में भी महिला शिक्षिकाओं की तैनाती की जाएगी।