खेसरहा। बांसी-खलीलाबाद स्टेट हाईवे पर अंग्रेजों के जमाने में बने संकरे पुल लोगों की रफ्तार में रोड़ा बनने के साथ हादसे के लिए खतरा बने हुए हैं।
दलदला पुल और चूंटी पुलिया के दोनों ओर की सड़कें तो कई बार बनीं और इनका चौड़ीकरण भी किया गया, लेकिन लोड और वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद भी पुल के आकार को बढ़ाना जिम्मेदार मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। जो दो जनपदों के हजारों लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के चौड़ा कराए जाने के साथ डिवाइडर और कुछ दूरी पहले ही पुल से संबंधित बोर्ड लगाने की जरूरत है, जिससे राहगीर यह समझ सकें कि आगे खतरा हो सकता है। बांसी–खलीलाबाद स्टेट हाईवे पर डुमरियागंज, इटवा, बांसी के अलावा लोग संतकबीरनगर, गोरखपुर सहित अन्य स्थानों के लिए आवागमन करते हैं, इसलिए इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक है। लेकिन, इसके बाद भी जिम्मेदारों की नजर इस पुल पर नहीं पड़ रही है।
दलदला पुल और चूंटी पुलिया जाम और दुर्घटनाओं की आशंका के बीच अब लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। बताया जाता है कि मौजूदा समय में बेलौहा बाजार स्थित दलदला पुल के दोनों तरफ अंधा मोड़ है। सड़क के के पटरियां झाड़ियों से घिरी हैं।
आगे से कौन गाड़ी आ रही है, यह नजर नहीं आता है। इस वजह से संकरा पुल और झाड़ियों से घिरा अंधा मोड़ होने से यहां हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इस पुल का चौड़ीकरण किया जाना काफी जरूरी है क्योंकि, यहां पर अकसर वाहन उतर जाते हैं और लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं। कई बार कहने के बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता वीके राय कहा कि दोनों पुल के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।