खुनुवां। सीमावर्ती क्षेत्र खुनुवां स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के परिसर सोमवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सचमुच त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में बांग्लादेश में हिंदू समाज के साथ हुई बर्बर, निर्मम हत्याओं और उत्पीड़न के विरोध में एकजुट होकर आवाज बुलंद की गई।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक विशाल रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरु, बुद्धिजीवी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रही हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि किसी भी देश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हिंसा न केवल अमानवीय है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हालिया घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और वहां रहने वाले हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा तथा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग उठाई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक विशाल ने कहा कि यह सम्मेलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का मंच है। इस दौरान प्रतिभागियों ने हिंसा बंद करो और पीड़ितों को न्याय दो जैसे नारे लगाते हुए वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की। सम्मेलन के अंत में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि गंगाधर मिश्रा, बहरैची बाबा, प्रधान संजय कुमार, पूर्व प्रधान हरिनरायन, विश्व हिंदू परिषद की मातृ संरक्षिका प्रमिला मिश्रा, गुजरौलिया मंदिर के बाबा शिव प्रसाद आदि मौजूद रहे।