सिद्धार्थनगर। छोटे व्यापारी, स्वरोजगारी और असंगठित श्रमिकों के लिए 60 साल की उम्र के बाद पेंशन स्कीम का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत दो चरण में अभियान चलाया जा रहा है। इससे जुड़े लोगों को हर माह तीन हजार रुपये पेंशन देने की योजना है। शहरी क्षेत्र के श्रमिकों को 15 फरवरी तक पंजीकरण कराने का मौका है। 16 से ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस योजना में आवेदन करने के बाद श्रमिकों को 60 की उम्र के बाद हर महीने तीन हजार रुपये की पेंशन (सालाना 36 हजार रुपये) मिलती है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का उद्देश्य उन मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, घरेलू कामगारों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिनके पास भविष्य के लिए कोई स्थायी आय का साधन नहीं है। बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ केवल 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक ही उठा सकते हैं। इस योजना में शामिल होने वाले व्यक्ति की मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आप जिस उम्र में आवेदन करते हैं उसी के अनुसार 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक मासिक अंशदान स्कीम में करना होता है। पेंशन धारक की मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन प्राप्त होगी। इससे परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। यह योजना उन परिवारों के लिए खास है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत दिहाड़ी या अस्थायी काम पर निर्भर करता है।