सिद्धार्थनगर। नौगढ़ तहसील के दो लेखपालों अमित कुमार पांडेय और ओंकारनाथ पांडेय को एसडीएम ने बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया। काम करने के बदले रिश्वत मांगने पर यह कार्रवाई हुई है। इसमें से एक लेखपाल ने आय प्रमाण पत्र में रिपोर्ट लगाने को लेकर रिश्वत मांगी थी, जबकि दूसरे ने भूमि का पट्टा करने के एवज में रुपये की मांग की थी।
इन दोनों लेखपालों की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर हुई जांच के बाद एसडीएम नौगढ़ ने यह कार्रवाई की। इसके साथ ही नायब तहसीलदार को मामले में जांच अधिकारी नामित किया गया है। 15 दिन में वे जांच करके रिपोर्ट देंगे, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौगढ़ तहसील के ब्लॉक जोगिया के उदयपुर निवासी इमरान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि लेखपाल अमित कुमार पांडेय ने भूमिका पट्टा कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। इस दौरान लेखपाल अमित ने कहा कि रुपये देने पर पट्टा प्रमाणपत्र भी मिल जाएगा। इमरान ने आरोप लगाया कि 21 फरवरी 2025 को उनसे 3000 रुपये ऑनलाइन लिए गए।
इसके बाद 31 हजार रुपये पवन मिश्र, राहुल मिश्रा व कौसर अजीम के सामने लेखपाल अमित को नकद दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बावजूद अभी तक न तो पट्टा कराया गया और न ही रुपये ही वापस किए गए।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर एसडीएम नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य ने कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत लेखपाल अमित कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया है। निलंबित अवधि तक लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो तहसील नौगढ़ से संबद्ध कर दिया गया है।
नायब तहसीलदार सदर को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है।