सिद्धार्थनगर। बधिर शिक्षा, भारतीय सांकेतिक भाषा और समावेशी शिक्षा को लेकर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हो गया। 29 और 30 सितंबर को आयोजित प्रशिक्षण में करीब 100 विशेष शिक्षकों और पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
आईएसएलआरटीसी, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और सीआरसी गोरखपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में भारतीय सांकेतिक भाषा, संचार सुगम्यता, बधिर संस्कृति, समावेशी शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ प्रभावी संवाद और शिक्षा की प्रक्रिया में सांकेतिक भाषा की भूमिका पर भी प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा रहे। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्य और डीसी समग्र शिक्षा करुणापति त्रिपाठी मौजूद रहे। आईएसएलआरटीसी की स्नेहा तिवारी, खुशबू सोनी, नेहा राजपूत और शुभम पोचट तथा सीआरसी गोरखपुर के प्रशिक्षकों ने विभिन्न सत्र संचालित किए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने बधिर बच्चों की शिक्षा, संचार और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।