शहर के सिद्धार्थ तेरह पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास लगा हुआ जाम
सिद्धार्थनगर। शहर में ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या जाम नहीं बल्कि ट्रैफिक सेंस की कमी और नासमझी है। शहर की सड़कों पर रोजमर्रा की आवाजाही सामान्य रहती है, लेकिन रेलवे फाटक बंद होते ही हालात बदल जाते हैं।
सिंघेश्वरी मंदिर और सिद्धार्थ तिराहा फाटक पर ट्रेन गुजरते ही दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती है। समस्या तब बढ़ती है जब कतार में खड़े वाहन आगे निकलने की होड़ में सड़क को पूरी तरह जाम कर देते हैं।
इतना ही नहीं, पेट्रोल पंप तिराहा, सिद्धार्थ चौराहा, साड़ी चौराहे पर अक्सर देखा जाता है कि अचानक दोपहिया और ई-रिक्शा गलत साइड से घुस जाते हैं।
नतीजा, कुछ मिनट का इंतजार आधे घंटे की अव्यवस्था में बदल जाता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यहां ट्रैफिक दबाव ज्यादा नहीं, पर नियमों का पालन नहीं होता।
शिक्षक अनुभव त्रिपाठी बताते हैं कि शहर में ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती कम है और लोगों में ट्रैफिक सेंस विकसित करना बड़ी चुनौती है।